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Written By WD

अन्ना तुम्हें प्रणाम

-आशा जाकड़

हिन्दी कविता
ND
अन्ना तुम हो महान, वन्दे मातरम्।
करते तु्म्हें प्रणाम, वन्दे मातरम्।

आपने जो बिगुल बजाया,
पूरे देश ने साथ दिया।

भ्रष्टाचार को ूर हटाओ,
जन-जन ने आह्वान किया।
तुम पर है अभिमान, वन्दे मातरम्।

आजादी के आंदोलन सा,
जुनून सब पर छाया था।

एकता-समरसता का रंग,
सर्वत्र भारत में समाया था।
तुम हो पूत महान, वन्दे मातरम्।

एक नहीं अन्ना हजारे,
करोड़ों अन्ना निकल पड़े।

बाल, वृद्ध, युवा सारे,
झंडे लेकर दौड़ पड़े।
बढ़ाया राष्ट्र का मान, वन्दे मातरम्।

तुम्हारे अनशन की ताकत से,
सरकार नतमस्तक हुई।

लोकपाल बिल आएगा,
सरकार की सहमति हुई।
तुम हो देश की शान, वन्दे मातरम्।
करते तुम्हें प्रणाम, वन्दे मातरम्।
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WD