1. लाइफ स्‍टाइल
  2. साहित्य
  3. काव्य-संसार
  4. poem on politics

हिन्दी कविता : राजनीति का मतलब

poem on politics
राजनीति का मतलब-
झूठ है, छल है, दगा है।
राजनीति में कौन, किसका सगा है?
 
राजनीति का मतलब-
थप्पी है, पेटी है, खोखा है।
राजनीति में कदम-कदम पे धोखा है।।
 
राजनीति का मतलब-
जहां ईमानदार खून के आंसू रोता है।
राजनीति में बेईमान ही धांसू होता है।।
 
राजनीति का मतलब-
चिलम भरने की कलाकारी है।
राजनीति में चप्पे-चप्पे पे मक्कारी है।।
 
राजनीति का मतलब-
कोई नहीं सोचता, हमें करना सेवा है।
राजनीति में सबकी चाहत, मेवा-ही-मेवा है।।
 
राजनीति का मतलब-
कितने ही, कितनों को बनाते अपना बाप हैं।
राजनीति में सबके हिस्से पाप-ही-पाप हैं।।
 
राजनीति का मतलब-
ये एक गहरा, अथाही दल-दल है।
राजनीति से उबरने का 'भानु' के पास हल है।।
लेखक के बारे में
पं. डॉ. भरत कुमार ओझा 'भानु' (सारस्वत)
ये भी पढ़ें
तुलसी गबार्ड विश्व हिन्दू कांग्रेस की अध्यक्ष नामित की गई