कंजूस बाप ने अपने बेटे को चश्मा दिलवाया। अगले ही दिन बाप ने देखा बेटा कुर्सी पर बैठकर कुछ सोच रहा था। कंजूस पिता ने अधीर होकर पूछा - 'बेटा कुछ पढ़ रहे हो?' 'नहीं पापा।' 'तो फिर कुछ लिख रहे हो?' लड़के ने कहा - 'नहीं पापा।' पिता ने चिल्लाकर कहा - तो फिर चश्मा उतार क्यों नहीं देता? तुम्हें तो फिजूलखर्ची की आदत पड़ गई है।