Good News: तेज चलने से हार्ट अटैक का खतरा 34 फीसदी होगा कम, नई रिसर्च में खुलासा

Morning Walk
तेज गति से चलने पर हार्ट फेल होने का खतरा 34 फीसदी तक घट जाता है। यह दावा अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी ने अपनी हालिया रिसर्च किया है।

दो दशक तक महिलाओं पर चली रिसर्च में सामने आया है कि बढ़ती उम्र में हार्ट पर पड़ने वाले खतरे को वॉक के जरिए कम भी किया जा सकता है।

ब्राउन यूनि‍वर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 25 हजार से अधि‍क उम्र-दराज महिलाओं पर दो दशक तक रिसर्च की। रिसर्च में सामने आया कि इस दौरान 1,455 महिलाओं को हार्ट फेल हुआ। हार्ट फेल का मतलब है हृदय पूरे शरीर में ब्‍लड को पंप करने लायक नहीं रह जाता है।

अमेरिकन जेरियाट्रिक्‍स सोसायटी जर्नल में पब्लिश रिपोर्ट कहती है, रिसर्च में शामिल महिलाओं ने कितनी वॉक की इसको लेकर उनसे सवाल-जवाब किए गए।

उनके जवाबों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई। दो दशक तक इनकी निगरानी की गई। अध्‍ययन में सामने आया कि जो महिलाएं तेज गति के साथ वॉक करती थीं उनमें हार्ट फेल होने का खतरा 34 फीसदी तक कम था।
शोधकर्ता डॉ. चॉर्ल्‍स एटॉन का कहना है कि 1,455 महिलाओं में हार्ट अटैक की स्थिति बनने का मतलब है कि बढ़ती उम्र के साथ इनके हार्ट में ब्‍लड को पूरे शरीर में पंप करने की क्षमता घटने लगी थी।

वॉक करने से इस समस्‍या पर सकारात्‍मक असर पड़ा। बढ़ती उम्र में ऐसे खतरों से बचने के लिए जीवनशैली में बदलाव लाना भी जरूरी है।

धीरे चलने की एक वजह मांसपेशि‍यों में किसी तरह की क्षति भी हो सकती है। अध्‍ययन में यह साफ हुआ है कि धीरे चलने वालों के मुकाबले तेज चलने वाले को ज्‍यादा फायदे मिलते हैं। शोधकर्ता चार्ल्‍स कहते हैं, 50 से 79 साल महिलाओं में हार्ट फेल होना बढ़ती उम्र की तकलीफ है।



और भी पढ़ें :