शंख बजाने से मजबूत होंगे फेफड़े, आयुर्वेद और विज्ञान की 10 बातें पढ़ें

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कोरोना वायरस से बचने के लिए लोग निरंतर देसी नुस्खों के जरिए अपना इम्यून सिस्टम मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें भी अपने आप में बहुत काम की चीज है। शंखनाद से जहां आपके आसपास की नकारात्मक ऊर्जा का नाश तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वहीं शंख से निकलने वाली ध्वनि जहां तक जाती है वहां तक बीमारियों के कीटाणुओं का नाश हो जाता है।

और की माने तो शंखनाद से सकारात्मक ऊर्जा का सर्जन होता है जिससे आत्मबल में वृद्धि होती है। शंख में प्राकृतिक कैल्शियम, गंधक और फास्फोरस की भरपूर मात्रा होती है। शंख से मुख के तमाम रोगों का नाश होता है। कोरोना संकट की घड़ी में ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाने के लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज और प्रोन पोजिशन को एक बेहतर विकल्प माना जा रहा है तो वहीं अगर आप फेफड़ों को तंदुरुस्त रखना चाहते हैं तो शंख बजाना आपके लिए आसान तरीका हो सकता है।

आइए जानते हैं 10 खास बातें-

* यदि आप पूजा स्थान पर रखे शंख को पूजा के अलावा अपने आप को स्वस्थ रखने हेतु प्राणायाम के साथ इस्तेमाल करते हैं तो आप दीर्घायु रह सकते हैं।

* शंख बजाने से हृदयाघात, रक्तचाप की अनियमितता, दमा, मंदाग्नि, शुगर, पेट संबंधित में लाभ होता है।

* शंख बजाने से फेफड़े पुष्ट होते हैं। प्रतिदिन शंख फूंकने वाले को गले और फेफड़ों के नहीं होते।

* शंख में पानी रखकर पीने से मनोरोगी को लाभ होता है, उत्तेजना कम होती है।

* शंख की ध्वनि से दिमाग व स्नायु तंत्र सक्रिय रहता है।

* शंख बजाने से योग की 3 क्रियाएं एकसाथ होती हैं- कुंभक, रेचक, प्राणायाम।

* शंख की ध्वनि से नकारात्मक शक्तियां भी दूर होती हैं।

* शंख वादन से स्मरण शक्ति बढ़ती है।

* शंख बजाने से चेहरे, श्वसन तंत्र, श्रवण तंत्र तथा फेफड़ों का व्यायाम होता है।

* अगर आपको खांसी, दमा, पीलिया, ब्लडप्रेशर या दिल से संबंधित मामूली से लेकर गंभीर बीमारी है तो इससे छुटकारा पाने का एक सरल-सा उपाय है। शंख बजाइए और रोगों से छुटकारा पाइए।

नोट- बीमार व्यक्ति इन प्रयोगों को करने से पूर्व अपने डॉक्टर की सलाह अवश्‍य लें।





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