प्री और पोस्‍ट होली ऐसे बचाएं अपनी आंखों और त्‍वचा को रंगों के इंफेक्‍शन से

होली आने वाली है, इस मौसम में कई तरह की बीमारियां होती है तो वहीं रंगों की वजह से आंखों और त्‍वचा संबंधी रोग होने की आशंका रहती है। ऐसे में होली खेलने के दौरान अपनी आंखों और त्‍वचा का ध्‍यान रखना बेहद जरूरी है।

वेबदुनिया ने इससे जुडी सावधानियों को लेकर डॉक्‍टर से चर्चा की। आइए जानते हैं क्‍या है डॉक्‍टर की सलाह

त्‍वचा रोग विशेषज्ञ (एमबीबीए) डॉ जेएस छाबड़ा ने बताया कि होली में इस्तेमाल होने वाले रंगों में भारी धातु रासायनिक, पदार्थ कांच के टुकड़े एवं कीटनाशक हो सकते हैं, जिनसे त्वचा में कई तरह की एलर्जी हो सकती है। ऐसे में इन रंगों के इस्‍तेमाल से बचना चाहिए। ऐसे रंगों से इस तरह के रोग हो सकते हैं।
dr js chhabra

होली के रंगों से होने वाली त्वचा की समस्याएं -
१. एलर्जिक डर्मेटाइटिस
२. सन बर्न

होली से होने वाली आंखों की समस्याएं-

१. कंजेक्टिवाइटिस
२. कॉर्नियल घर्षण

होली के रंगों से होने वाली समस्याओं से बचाव (प्री होली)
१. त्वचा को मॉइश्चराइज एवं सनस्क्रीन लगाकर ही बाहर निकले।
२. बालों में एक रात पहले ऑलिव ऑयल लगाएं।
३. नाखून पर पारदर्शी नाखून पॉलिश लगाएं।
४. बालों को बांधकर ही होली खेलने जाएं।
५. होठों पर लिप बाम की एक मोटी परत लगाएं।
६. पूरे शरीर को ढक कर ही होली खेलने जाएं।

होली के रंगों से होने वाली समस्याओं से बचाव (पोस्ट होली)

१.नहाने के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल करें, गर्म पानी से रंग त्वचा पर चिपक जाता है।
२. सूखे रंगों को सूखे कपड़े से हटाए और सामान्य पानी से नहा ले।
३. साबुन से रगड़ कर बार-बार रंग छुड़ाने की कोशिश ना करें एलोवेरा या नींबू के क्लींजर का इस्तेमाल करें या नारियल के तेल को रुई में लेकर लगाएं और पानी से धो लें।
४. केरोसिन, पेट्रोल या स्पिरिट से रंग निकालने की कोशिश ना करें।
५. एक हफ्ते तक स्किन पीलिंग, पॉलिशिंग, पार्लर फेशियल, ब्लीचिंग या हेयर कलर का उपयोग ना करें।



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