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गुजरात भाजपा में 'PK' का उदय: युवा मोर्चा के नेतृत्व से सबसे शक्तिशाली महासचिव तक का रोमांचक सफर

Updated: मंगलवार, 3 मार्च 2026 (10:48 IST)
2027 के विधानसभा चुनाव से लगभग 20 महीने पहले, गुजरात भाजपा ने अपनी नई संगठनात्मक टीम की घोषणा की है। प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा के नेतृत्व वाली इस टीम में प्रशांत कोराट (PK) सबसे शक्तिशाली महासचिव के रूप में उभरे हैं। उन्हें राज्य मुख्यालय के महासचिव के साथ-साथ दक्षिण गुजरात और सूरत महानगर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रभारी बनाया गया है, जो संगठन में उनके बढ़ते कद को दर्शाता है।

युवा विंग से प्रदेश महासचिव तक का सफर

प्रशांत कोराट का राजनीतिक सफर बहुत ही संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक रहा है। पिछली संगठनात्मक टीम में वे युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। राजकोट के जेतपुर के रहने वाले प्रशांत भाई ने शुरुआत में दो कार्यकाल तक राजकोट भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उनकी कड़ी मेहनत और गतिशील व्यक्तित्व के कारण ही आज उन्हें संगठन में प्रदीप सिंह वाघेला जैसी महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है।

विरासत में मिली राजनीति और पारिवारिक पृष्ठभूमि

प्रशांत कोराट को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता सवजीभाई कोराट भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री थे। पिता के निधन के बाद उनकी माता जशुबेन कोराट भी जेतपुर सीट से तीन बार विधायक चुनी गईं। प्रशांत भाई स्वयं उच्च शिक्षित हैं, उन्होंने गुजरात यूनिवर्सिटी से फार्मेसी में पीएचडी (PhD) की डिग्री प्राप्त की है और छात्र जीवन से ही एबीवीपी (ABVP) में सक्रिय रहकर नेतृत्व के गुण सीखे हैं।

संगठन में 'मिस्टर डिपेंडेबल' की छवि

38 वर्षीय प्रशांत कोराट अभी तक प्रत्यक्ष चुनावी राजनीति में नहीं उतरे हैं, लेकिन वे संगठनात्मक कार्यों में माहिर माने जाते हैं। 2017 के चुनाव में पार्टी के निर्णय का सम्मान करते हुए उन्होंने अन्य उम्मीदवार के लिए पूरी निष्ठा के साथ प्रचार किया था। उनकी इसी निस्वार्थ सेवा और विनम्र स्वभाव के कारण वे प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और संगठन महासचिव रत्नाकर जी के अत्यंत विश्वसनीय और 'मिस्टर डिपेंडेबल' बन गए हैं।

पदोन्नति के पीछे के मुख्य कारण और पाटीदार समीकरण

प्रशांत कोराट को यह महत्वपूर्ण पदोन्नति मिलने के पीछे उनकी स्वच्छ छवि और लोकप्रियता मुख्य कारण है। युवा मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पूरे गुजरात में कार्यकर्ताओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। पाटीदार समुदाय के लेउवा पटेल नेता होने के कारण और बिना किसी अहंकार के काम करने की उनकी शैली की वजह से, हाईकमान ने उन पर भरोसा जताते हुए दक्षिण गुजरात जैसी संवेदनशील जिम्मेदारी सौंपी है।

आगामी चुनौतियां और भविष्य की परीक्षा

नई जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रशांत कोराट के लिए आने वाला समय कड़ी परीक्षा का होगा। आगामी नगर पालिका, जिला और तालुका पंचायत के चुनाव उनके नेतृत्व की पहली बड़ी परीक्षा माने जाएंगे। इन चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनाव का 'सेमीफाइनल' माना जा रहा है। अपने संगठनात्मक कौशल का उपयोग करके भाजपा को जीत दिलाना उनकी प्राथमिकता होगी
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