Twenty World Cup | छक्के पर भारी चौका
- एमके सांघी
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वेबू : काका, आप क्या कर रहे हैं?
काका : टी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप का मैच देख रहा हूँ।
वेबू : माफ कीजिएगा काका। आप ठहरे टेस्ट मैच के जमाने के दर्शक। आपको टी-20 मैच में क्या मजा आता होगा और कितना समझ आता होगा। यह तो मेरे जैसे युवाओं का खेल है।
काका : वेबू बेटा, चलो देखते हैं कि क्रिकेट की तुम्हारी समझ कितनी है। चलो बताओ कि मैच में चौका ज्यादा मजा देता है या छक्का।
वेबू (उत्साहित होकर) : निश्चित ही छक्का।
काका : बिल्कुल गलत। खिलाड़ी जब चौका मारता है तो बॉल तेजी से किसी फील्डर के पास से निकलती है जो कि उसे रोकने में असफल रहता है। फिर बॉल बाउंड्री लाइन की ओर बढ़ती है। कम से कम दो फील्डर उसे रोकने के लिए दौड़ते हैं। कैमरा कभी बॉल पर फोकस होता है तो कभी दोनों फील्डरों पर। दर्शकों की साँसें थम जाती हैं।
फिर एक फील्डर बॉल के निकट पहुँचकर उसे रोकने के लिए डाइव लगाता है, उसके हाथ बॉल को छूते हैं। दर्शक रोमांचित हो उठते हैं कि बॉल ये रोकी, वो रोकी। अचानक खिलाड़ी की हाथ से टकरा कर बॉल बाउंड्री वॉल के उस पार हो जाती है। अब तुम्हीं बताओ जो मजा चौके में है वह छक्के में कहाँ। चौका पूरे 5 से 10 सेकंड का मजा देता है। वहीं छक्का दो सेकंड में बाउंड्री के उस पार और खेल खत्म।
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काका : चौके के बजाय छक्के के साथ कई खतरे भी जुड़े होते हैं।
वेबू : वह कैसे?
काका : देखो छक्का मारने पर स्टंपिंग किए जाने का खतरा बहुत होता है। फिर शॉट यदि बाउंड्री लाइन के भीतर रह जाए तो आउट होने का खतरा। और यदि छक्का लग गया तो दर्शक दीर्घा में किसी बेचारे दर्शक के सिर फूटने का खतरा। छक्के के चक्कर में कई बार पूरी टीम 100 के भीतर सिमट जाती है
वेबू : काका क्या चौके के और भी लाभ हैं?
काका : जरूर हैं। मैच में जहाँ छक्के 5-7 पड़ते हैं वहीं चौके 15-20 पड़ जाते हैं। इस प्रकार छक्कों के बजाय चौके अधिक बार चीयर लीडर्स का डांस दिखाने के अवसर देते हैं।
वेबू : और।
काका : और छक्के के साथ बॉल गुम हो जाने का डर रहता है जबकि चौके के साथ नहीं। छक्का मारकर बल्लेबाज अपने आपको तीसमार खाँ समझने लगता है और मुगालते में अक्सर अगली बॉल पर कैच थमा देता है।
वेबू : काका चौके के कारण बल्लेबाजी कर रही टीम को क्या फायदा है?
काका : चौके विपक्षी टीम के फील्डरों को दौड़ा-दौड़ा कर थका देते हैं। चौका बचाने के चक्कर में जब वे डाइव लगाते हैं तो उनके हाथ-पैर में मोच आने का भी चाँस रहता है। कभी-कभी तो विपक्षी टीम के स्टार खिलाड़ी भी शेष मैचों से बाहर हो जाते हैं।
वेबू (खिलखिलाते हुए) : वाह काका! मजा आ गया। आप सही मायनों में टी-20 क्रिकेट के भी दर्शक हैं।
