कचरे का डिब्बा
- महेंद्र साँघी
ताज्जुब की बात है कि लोग सुपारी के बदले में कत्ल कर देते हैं।
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ताज्जुब की बात है कि लोग सुपारी के बदले में कत्ल कर देते हैं।
