सम्बंधित जानकारी
- Mokshada Ekadashi 2021: मोक्षदा एकादशी आज है? जानिए पूजन के शुभ मुहूर्त, विधि और सभी सामग्री एकसाथ
- गीता जयंती : गीता श्लोक, मंत्र और भजन
- Mokshada Ekadash 2021 : मोक्षदा एकादशी व्रत रखने के 2 फायदे और जानिए पूजा विधि
- गीता जयंती और मोक्षदा एकादशी पर जानिए महत्व, पूजा विधि एवं पूजन के शुभ मुहूर्त
- December Festival: दिसंबर माह के प्रमुख 5 त्योहार
आज है मोक्षदा एकादशी, व्रत रखने के 2 खास फायदे
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष के कृष्णपक्ष में उत्पन्ना एवं शुक्लपक्ष में मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। गीता जयंती प्रत्येक वर्ष मार्गशीर्ष मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस साल गीता जयंती की 5158वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। मोक्षदा एकादशी व्रत रखने के खासकर 2 फायदे।
1. मोक्षदा एकादशी मोक्ष देने वाली होती है। विधिवत इसका व्रत रखने से देवता और पितर तृप्त होते हैं।
2. मोक्षदा एकादशी के दिन व्रत रखकर गीता पाठ करना या श्रीकृष्ण की आराधना करने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है और सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है।
इस दिन क्या करें :
1. गीता जयंती के दिन गीता को पढ़ना या सुनना अत्यंत ही शुभ माना जाता है।
2. इस दिन मोक्षदा एकादशी रहती है अत: व्रत करने का बहुत ही महत्व होता है।
3. इस दिन भगवान कृष्ण की आराधना और पूजा करने से वे प्रसन्न होते हैं।
4. गीता जयंती के दिन मंदिरों में भी गीता का पाठ किया जाता है। आप चाहें तो वहां जाकर भी गीता सुन सकते हैं।
5. इस दिन गीता पाठ करने और मोक्षदा एकादशी का व्रत रखने से सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है।