दीपावली पूजन मुहूर्त 2021 : जानिए सिर्फ यहां

Dipavali 2021

महालक्ष्मी पूजन स्थिर लग्न में अति उत्तम रहता है। इससे स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

वृष, सिंह, वृश्चिक व कुम्भ स्थिर लग्न होती है। इस वर्ष के स्थिर लग्न मुहूर्त निम्न है-

अभिजीत मुहूर्त-
अपराह्न- 11:40 से 12:25 तक

स्थिर लग्नानुसार-

प्रात:काल- 7:49 से 10:36 तक (वृश्चिक लग्न)
दोपहर- 1:54 से 3:24 तक (कुम्भ लग्न)
सायंकाल- 6:30 से 8:26 तक (वृष लग्न)
मध्यरात्रि- 12:57 से 3:13 (सिंह लग्न)

चौघड़िया अनुसार-
दोपहर- 12:03 से 2:51 बजे तक (लाभ)
सायंकाल- 4:14 से 5:38 बजे तक (शुभ)
सायंकाल- 5:38 बजे से 7:15 तक (अमृत)

सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त-
अपराह्न- 12:57 से 2:51 तक
दोपहर- 1:54 से 3:24 तक
सायंकाल- 6:30 से 7:15 तक

क्या करें-

स्नान- प्रातःकाल
देव पूजन- स्नान के उपरांत
पितृ पूजन- दोपहर
ब्राह्मण भोजन- दोपहर
महालक्ष्मी पूजन- प्रदोष काल में
दीपदान- प्रदोष काल में
मशाल दर्शन- सायंकाल
दीपमाला प्रज्ज्वलन- सायंकाल
पूजन सामग्री- रोली, मौली, पान, सुपारी, अक्षत, धूप, घी का दीपक, तेल का दीपक, खील, बतासे, श्रीयंत्र, शंख (दक्षिणावर्ती हो तो अतिउत्तम), घंटी, चंदन, जलपात्र, कलश, लक्ष्मी-गणेश-सरस्वती जी का चित्र या विग्रह, पंचामृत, गंगाजल, सिंदूर, नैवेद्य, इत्र, जनेऊ, श्वेतार्क पुष्प, कमल का पुष्प, वस्त्र, कुमकुम, पुष्पमाला, फल, कर्पूर, नारियल, इलायची, दूर्वा।

बाईं ओर रखें-
जलपात्र, घंटी, धूप, तेल का दीपक।

दाईं ओर रखें-
घी का दीपक, जल से भरा शंख,

सामने रखें-
चंदन, रोली, पुष्प, अक्षत व नैवेद्य।

तत्पश्चात विधिवत् पूजन करें।

-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: [email protected]




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