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  4. Performing 5 secret rituals during Gupt Navratri will fulfill your wishes

Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि हो रही है शुरू, 5 गुप्त कार्य करने से होगी मनोकामना पूर्ण

A view of the worship setup during Gupt Navratri, featuring an image of Goddess Durga, a row of lit lamps, and ritual offerings and naivedya (sacred food offerings) arranged on a wooden platform
Gupt Navratri Spiritual Remedies: सनातन धर्म में गुप्त नवरात्रि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। वर्ष में दो बार आने वाली गुप्त नवरात्रि साधना, मंत्र-जप, देवी उपासना और आत्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के साथ महाविद्याओं की आराधना का भी विशेष महत्व बताया गया है। 
 
गुप्त नवरात्रि का समय तंत्र-मंत्र, साधना और गुप्त रूप से मां दुर्गा की आराधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। सामान्य नवरात्रि की तुलना में गुप्त नवरात्रि में 'गोपनीयता' का सबसे अधिक महत्व होता है। मान्यता है कि इस दौरान की जाने वाली पूजा को जितना गुप्त रखा जाए, उसका फल उतना ही अधिक और शीघ्र मिलता है। इस दौरान देवी पूजन का मुख्य नियम और गुप्त नवरात्रि का मूल मंत्र है- 'साधना जितनी गुप्त, फल उतना ही तृप्त।' अपनी पूजा, समय और इच्छा को अपने और ईश्वर के बीच ही सीमित रखें।
 

यदि आप अपनी अधूरी मनोकामनाओं को पूरा करना चाहते हैं, तो गुप्त नवरात्रि के दौरान ये 5 गुप्त कार्य जरूर करें:

 

1. साधना और मंत्र जाप को पूरी तरह गुप्त रखें

गुप्त नवरात्रि में आप मां दुर्गा के जिस भी स्वरूप की पूजा कर रहे हैं या जिस मंत्र का जाप कर रहे हैं, उसके बारे में किसी को न बताएं। यहां तक कि अपने परिवार के सदस्यों से भी अपनी विशेष मन्नत या साधना का जिक्र न करें। मंत्रों का जाप मानसिक रूप से (मन ही मन) करें, ताकि किसी को आवाज सुनाई न दे।
 

2. रात्रि काल/ निशिता काल में विशेष पूजा

सामान्य नवरात्रि में सुबह और शाम की पूजा का महत्व होता है, लेकिन गुप्त नवरात्रि में रात्रि की पूजा को सर्वोपरि माना गया है। मध्यरात्रि (रात 11 बजे से 1 बजे के बीच) का समय मां की गुप्त आराधना के लिए सबसे उत्तम है। इस समय घी का दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती या कूंजिका स्तोत्र का पाठ करने से बड़ी से बड़ी बाधा दूर होती है।
 

3. गुप्त दान करें

इस दौरान किए गए दान का फल कई गुना होकर मिलता है, बशर्ते वह 'गुप्त' हो यानी बिना किसी को बताए दान कार्य करें। किसी जरूरतमंद को, किसी कन्या को भोजन, वस्त्र या धन का दान इस तरह करें कि आपके दाहिने हाथ से किए गए दान की खबर आपके बाएं हाथ को भी न हो। या किसी मंदिर में अपनी मनोकामना मन में दोहराते हुए चुपचाप दान सामग्री रख आएं।
 

4. लौंग और कर्पूर का गुप्त उपाय

यदि जीवन में कोई बहुत बड़ी परेशानी चल रही है या धन की कमी है, तो यह उपाय बेहद कारगर माना जाता है। नवरात्रि के दिनों में रोज रात को चांदी या मिट्टी के पात्र में लौंग का एक जोड़ा यानी 2 साबुत लौंग और थोड़ा सा कर्पूर रखकर जलाएं। जब यह जल रहा हो, तब मां दुर्गा से अपनी मनोकामना कहें। इस उपाय को करते समय घर का कोई अन्य सदस्य टोकना नहीं चाहिए।
 

5. लाल फूलों की आहुति, विशेष मनोकामना के लिए

मां दुर्गा को लाल रंग अत्यंत प्रिय है। गुप्त नवरात्रि के दौरान मां को प्रसन्न करने के लिए, रोजाना पूजा के समय मां के चरणों में लाल गुड़हल या लाल गुलाब का फूल चुपचाप अर्पित करें। यदि संभव हो, तो अंतिम दिन नवमी तिथि को हवन करते समय मखाने और लाल फूलों की आहुति दें। इससे कर्ज और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है।
 
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लेखक के बारे में
राजश्री कासलीवाल
श्रीमती राजश्री कासलीवाल पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव। धर्म, व्रत-त्योहार, ज्योतिष, रेसिपी, साहित्य, लाइफ स्टाइल और अन्य विषयों पर लेखन का कार्य। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब-एडिटर (कंटेंट) के पद पर कार्यरत हैं।  .... और पढ़ें