किन विकारों में उपयोगी है ध्यान, जानिए 14 काम की बातें...


 
* मन की चंचलता को नियंत्रित करता है। 
 
* दीर्घायु बनाने में इसकी अहम उपयोगिता है। 
 
* शांति, सामर्थ्य, संतोष, विद्वत्ता और सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है भावातीत ध्यान।
 
* चाहें तो ध्यान के समय कुछ फूल आस-पास रखें, कोई सुगंधित वस्तु का छिड़काव कर दें, अगरबत्ती जला दें। 
 
* रात्रि के भोजन से पहले ही ध्यान के लिए बैठें। प्रातःकाल सूर्योदय से पहले ध्यान करें। 
 
* ढीले वस्त्र पहनकर ध्यान करें। 
 
*  महिलाएं यदि चाहें तो किसी शिक्षक के द्वारा भी सीख सकती हैं। चाहें तो मेडिटेशन सेंटर में भी आप इसे सीख सकती हैं। 
 
* इस पद्धति में कोई भी व्यक्ति आराम से सुखासन पर सुबह-शाम 20-20 मिनट बैठकर ध्यान द्वारा 6-7 घंटे गहरी नींद में सो सकता है। इस तरह भावातीत ध्यान के द्वारा महिलाओं में उच्च रक्तचाप, अनिद्रा व अन्य मानिसक रोगों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। > >  
 



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