क्या Corona Vaccine का तीसरा डोज भी लगेगा?
कोविड वैक्सीनेशन से जुड़े आम सवाल, जिसे हर वर्ग का व्यक्ति जानना चाहता है
महामारी कोरोना वायरस का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। हर दिन कोविड केस में एक नया रिकॉर्ड दर्ज हो रहा है। पिछले साल 2020 में इस अदृश्य बीमारी ने भारत में दस्तक दी थी। 2021 में एक बार फिर से इसका कोहरम मचने लगा है। हालांकि इस एक साल में भारत में कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन तैयार कर ली गई है।
जिसे आज आयु वर्ग के अनुसार लगाया जा रहा है। लेकिन वैक्सीनेशन को लेकर कुछ आम सवाल है जिसे हर व्यक्ति वर्ग जानना चाहता है। इसे लेकर वेबदुनिया ने इंदौर जिला सर्विलांस अधिकारी लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारी डॉ. अमित मालाकार से खास चर्चा की। आइए जानते हैं क्या कहा उन्होंने-
प्रश्न 1. क्या वैक्सीनेशन जरूरी है?
उत्तर. बिल्कुल, जो भी वैक्सीनेशन के पात्र हितग्राही है उन्हें वैक्सीन लगवाना चाहिए। इससे कोविड-19 की सीवियरिटी बहुत कम रहेगी। अगर आपको कोरोना होता है तो आपको अस्पताल में एडमिट होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उत्तर. बिल्कुल, जो भी वैक्सीनेशन के पात्र हितग्राही है उन्हें वैक्सीन लगवाना चाहिए। इससे कोविड-19 की सीवियरिटी बहुत कम रहेगी। अगर आपको कोरोना होता है तो आपको अस्पताल में एडमिट होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
प्रश्न 2. वैक्सीनेशन लेने के बाद भी कोविड हो सकता है?
उत्तर. हां, वैक्सीनेशन लेने के बाद भी कोविड-19 हो सकता है। लेकिन खतरा कम रहेगा।
उत्तर. हां, वैक्सीनेशन लेने के बाद भी कोविड-19 हो सकता है। लेकिन खतरा कम रहेगा।
प्रश्न 3. वैक्सीनेशन का पहला डोज लेने के बाद कोविड होने पर दूसरी डोज कब लेना चाहिए?
उत्तर. अगर वैक्सीनेशन के बाद कोविड हो जाता है तो ठीक होने के 3 महीने बाद आप वैक्सीन लगवा सकते हैं।
उत्तर. अगर वैक्सीनेशन के बाद कोविड हो जाता है तो ठीक होने के 3 महीने बाद आप वैक्सीन लगवा सकते हैं।
प्रश्न 4. कोविड मुक्त होने पर वैक्सीनेशन लेना आवश्यक है?
उत्तर. हां, कोविड मुक्त होने पर भी वैक्सीनेशन लेना जरूरी है।
उत्तर. हां, कोविड मुक्त होने पर भी वैक्सीनेशन लेना जरूरी है।
प्रश्न 5. क्या वैक्सीन के लिए किसी कंपनी का चुनाव करना जरूरी है?
उत्तर. नहीं, दोनों ही कोविशील्ड और कोवैक्सीन की क्षमता एक हैं। दोनों वैक्सीन सुरक्षित है। दोनों वैक्सीन सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है।
उत्तर. नहीं, दोनों ही कोविशील्ड और कोवैक्सीन की क्षमता एक हैं। दोनों वैक्सीन सुरक्षित है। दोनों वैक्सीन सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रश्न 6. क्या वैक्सीनेशन के बाद भी सावधानी बरतना जरूरी है?
उत्तर. वैक्सीनेशन के बाद भी कोविड नियमों का पालन करना जरूरी है। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग जरूर करें।
उत्तर. वैक्सीनेशन के बाद भी कोविड नियमों का पालन करना जरूरी है। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग जरूर करें।
प्रश्न 7. क्या वैक्सीनेशन का एक डोज काफी है?
उत्तर. नहीं, ये बूस्टर डोज होते हैं, दोनों डोज के उपरांत ही आप पूर्णतः ठीक होने का विश्वास कर सकते हैं। और आपके अंदर सही मात्रा में एंटीबाॅडी बनती है।
उत्तर. नहीं, ये बूस्टर डोज होते हैं, दोनों डोज के उपरांत ही आप पूर्णतः ठीक होने का विश्वास कर सकते हैं। और आपके अंदर सही मात्रा में एंटीबाॅडी बनती है।
प्रश्न 8. क्या दोनों डोज एकसमान है?
उत्तर. जी हां, दोनों डोज एक जैसे ही है। साथ ही आप कोवीशील्ड का डोज लगवाते हैं तो दूसरा डोज भी उसी का लगाना है।
उत्तर. जी हां, दोनों डोज एक जैसे ही है। साथ ही आप कोवीशील्ड का डोज लगवाते हैं तो दूसरा डोज भी उसी का लगाना है।
प्रश्न 9. वैक्सीनेशन के बाद साइड इफेक्ट्स कितने दिन तक हो सकते है?
उत्तर. वैक्सीनेशन के बाद बुखार, हाथ-पैर दर्द होना, सिर दर्द होना लक्षण हैं। इसका असर ज्यादा से ज्यादा एक या दो दिन तक रहता है।
उत्तर. वैक्सीनेशन के बाद बुखार, हाथ-पैर दर्द होना, सिर दर्द होना लक्षण हैं। इसका असर ज्यादा से ज्यादा एक या दो दिन तक रहता है।
प्रश्न 10. वैक्सीन लगाने के बाद साइड इफेक्ट्स न होना क्या वैक्सीन का प्रभाव न होना इसकी निशानी है?
उत्तर. हर इसांन का इम्युनिटी लेवल अलग-अलग होता है। किसी को साइड इफेक्ट्स हो रहे हैं तो किसी को नहीं। इसका कोई मतलब नहीं है कि वैक्सीन उनकी बॉडी में डेवलप करने में असर नहीं करेगी। यह सभी को असर करेगी।
उत्तर. हर इसांन का इम्युनिटी लेवल अलग-अलग होता है। किसी को साइड इफेक्ट्स हो रहे हैं तो किसी को नहीं। इसका कोई मतलब नहीं है कि वैक्सीन उनकी बॉडी में डेवलप करने में असर नहीं करेगी। यह सभी को असर करेगी।
प्रश्न 11. कोविड के इलाज में प्लाज्मा देने वालों को भी वैक्सीन दी जाना चाहिए?
उत्तर. आज की स्थिति के अनुसार सरकार द्वारा जो आयु वर्ग तय किया है उसके अनुसार सभी को वैक्सीन लगवाना हैै। अगर प्लाज्मा देने वाला 45 साल से ऊपर के है वे सभी इसके पात्र है।
उत्तर. आज की स्थिति के अनुसार सरकार द्वारा जो आयु वर्ग तय किया है उसके अनुसार सभी को वैक्सीन लगवाना हैै। अगर प्लाज्मा देने वाला 45 साल से ऊपर के है वे सभी इसके पात्र है।
प्रश्न 12. कोरोना के दोनों डोज के बाद भी वैक्सीनेशन करवाना होगा?
उत्तर दो डोज के बाद पर्याप्त मात्रा में एंटी बाॅडी विकसित हो रही है। लेकिन एंटीबाॅडीज कितने वक्त तक बाॅडी में रहती है इस पर अभी कंपनी भी रिसर्च कर रही है। भारत सरकार की ओर से जो समिति है वह निर्धारित करती है कि अगली वैक्सीन कब लगेगी।
प्रश्न 13. गर्भवती महिलाएं कब वैक्सीन लगवा सकती है?
नहीं, अभी भारत में इसकी मंजूरी नहीं मिली है।
नहीं, अभी भारत में इसकी मंजूरी नहीं मिली है।
प्रश्न 14. क्या स्तनपान करा रही महिलाएं वैक्सीन लगवा सकती है?
उत्तर. डिलेवरी के बाद कभी भी वैक्सीन लगवा सकते हैं। उसमें कोई परेशानी नहीं है।
उत्तर. डिलेवरी के बाद कभी भी वैक्सीन लगवा सकते हैं। उसमें कोई परेशानी नहीं है।
प्रश्न 15. वैक्सीनेशन के कितने दिन बाद ब्लड डोनेट कर सकते हैं?
उत्तर. आपने कोई सी भी वैक्सीन लगवाई हो टीके के 28 दिन बाद आप ब्लड डोनेट कर सकते हैं। अगर आपने कोविड का पहला डोज लगवाया हो या दूसरा डोज लगवाया हो कभी भी डोनेट कर सकते हैं। लेकिन 28 दिन का अंतराल रखें। कोशिश रहे बहुत अधिक जरूरी नहीं हो तो दोनों डोज के बाद ही रक्तदान करें और 28 दिन का अंतराल रखें।
उत्तर. आपने कोई सी भी वैक्सीन लगवाई हो टीके के 28 दिन बाद आप ब्लड डोनेट कर सकते हैं। अगर आपने कोविड का पहला डोज लगवाया हो या दूसरा डोज लगवाया हो कभी भी डोनेट कर सकते हैं। लेकिन 28 दिन का अंतराल रखें। कोशिश रहे बहुत अधिक जरूरी नहीं हो तो दोनों डोज के बाद ही रक्तदान करें और 28 दिन का अंतराल रखें।
प्रश्न 16. कोविड से ठीक होने के कितने दिन बाद ब्लड डोनेट कर सकते हैं?
कोविड से ठीक होने के बाद अगर आपको किसी प्रकार की भी दवा दी जा रही है। तो ब्लड डोनेट नहीं करें। अगर आपको खून पतला करने की दवा दी जा रही है, आपके इम्यून सिस्टम पर अभी भी असर पड़ता है तो आप ब्ल्ड डोनेट नहीं करें। पूरी तरह से ठीक होने के डेढ माह बाद आप ब्लड डोनेट कर सकते हैं। लेकिन इससे पहले सभी तरह की जांच जरूर कराएं। साथ ही मास्क का उपयोग करें, सैनिटाइज करें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
कोविड से ठीक होने के बाद अगर आपको किसी प्रकार की भी दवा दी जा रही है। तो ब्लड डोनेट नहीं करें। अगर आपको खून पतला करने की दवा दी जा रही है, आपके इम्यून सिस्टम पर अभी भी असर पड़ता है तो आप ब्ल्ड डोनेट नहीं करें। पूरी तरह से ठीक होने के डेढ माह बाद आप ब्लड डोनेट कर सकते हैं। लेकिन इससे पहले सभी तरह की जांच जरूर कराएं। साथ ही मास्क का उपयोग करें, सैनिटाइज करें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
अगा आपको डायबिटीज हो गई हो, या खून पतला करने की दवा दी जा रही हो तो आप ब्लड डोनेट नहीं कर सकते हैं। ब्लड डोनेट करने से 2 घंटे पूर्व ध्रूमपमान नहीं करें, आपको किसी प्रकार की दवा नहीं चल रही हो। तो आप ब्लड डोनेट कर सकते हैं।
