सम्बंधित जानकारी
- देश में कम हुई कोरोना की रफ्तार, नए मरीजों के मामले में महाराष्ट्र को पीछे छोड़कर कर्नाटक नंबर 1
- लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में पप्पू यादव गिरफ्तार, 3 दिन पहले ही किया था बड़ा खुलासा
- कोरोनावायरस फ्री हुआ उत्तर कोरिया, 25,986 लोगों की जांच कर किया दावा
- खुशखबर, अब 12 साल के ऊपर के बच्चों को भी लगेगा कोरोना का टीका
- 8 दिन में 6 बार महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, जानिए 4 महानगरों में आज क्या है दाम...
कोरोना का डर, माउंट एवरेस्ट की चोटी पर विभाजन रेखा खींचेगा चीन
बीजिंग। कोरोनावायरस के डर से चीन दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट पर सीमा रेखा खींचने की तैयारी कर रहा है। इससे नेपाल से आने वाले पर्वतरोहियों को अपने इलाके में आने से रोका जा सकेगा। नेपाल सरकार या पर्वतारोहण अधिकारियों ने इस विभाजन रेखा को लेकर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सरकारी संवाद एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि चीन की ओर से पर्वतरोहियों के चोटी पर पहुंचने से पहले रेखा बनाई जाएगी। चीनी नागरिकों के पहुंचने से पहले तिब्बती गाइड यह विभाजन रेखा बनाएंगे। हालांकि, एजेंसी ने यह नहीं बताया कि यह विभाजन रेखा किस तरह की होगी।
उल्लेखनीय है कि 8848 मीटर ऊंची माउंट एवरेस्ट की चोटी पर केवल इतनी जगह है जितने में एक साथ केवल आधा दर्जन पर्वतारोही और गाइड आ सकते हैं। चीन ने पिछले साल से कोरोना के चलते तिब्बत की ओर से किसी विदेशी पर्वतारोही को अनुमति नहीं दी है।
चीन और नेपाल में क्या है कोरोना का हाल : चीन में रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 12 नए मामले दर्ज किए गए थे। ये सभी मामले विदेशों से आए यात्रियों के थे। वहीं, नेपाल में बीते शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 9023 मामले दर्ज किए गए थे। यहां कोरोना से अबतक करीब 3720 लोग मारे जा चुके हैं।
सरकारी संवाद एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि चीन की ओर से पर्वतरोहियों के चोटी पर पहुंचने से पहले रेखा बनाई जाएगी। चीनी नागरिकों के पहुंचने से पहले तिब्बती गाइड यह विभाजन रेखा बनाएंगे। हालांकि, एजेंसी ने यह नहीं बताया कि यह विभाजन रेखा किस तरह की होगी।
उल्लेखनीय है कि 8848 मीटर ऊंची माउंट एवरेस्ट की चोटी पर केवल इतनी जगह है जितने में एक साथ केवल आधा दर्जन पर्वतारोही और गाइड आ सकते हैं। चीन ने पिछले साल से कोरोना के चलते तिब्बत की ओर से किसी विदेशी पर्वतारोही को अनुमति नहीं दी है।
