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बेल्जियम में 90 साल की महिला में मिले कोरोना वायरस के ‘दो वैरिएंट’, इलाज के दौरान मौत, रिसर्च में जुटी टीम
बेल्जियम के शोधकर्ताओं ने रविवार को खुलासा किया कि कोविड -19 से बीमार पड़ने के बाद मरने वाली 90 वर्षीय महिला एक ही समय में कोरोनवायरस के अल्फा और बीटा दोनों प्रकार के वैरिएंट से संक्रमित थीं।शोधकर्ताओं ने कहा कि यह दुर्लभ घटना है और इसे कम करके नहीं आंका जा सकता।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बुजुर्ग महिला ने वैक्सीन नहीं लगवाया था। वह घर पर ही नर्सिंग स्टाफ उसकी देखभाल करती थी। महिला को बेल्जियम के आल्स्ट शहर के ओएलवी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद वह पॉजिटिव पाई गई थीं।
बुजुर्ग महिला का ऑक्सीजन लेवल ठीक था, बावजूद इसके उनकी तबियत लगातार बिगड़ती जा रही थी और पांच दिनों के बाद ही उनकी मौत हो गई।
जब यह जांच की गई कि कहीं महिला कोविड के किसी वैरिएंट से संक्रमित तो नहीं हैं, तब पता चला कि वह दोनों अल्फा और बीटा वैरिएंट से संक्रमित हैं, जिसकी पहचान क्रमश: ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में पहली बार हुई थी।
शोध में शामिल ओएलवी अस्पताल के आणविक जीवविज्ञानी ऐनी वेंकेरबर्गेन ने कहा, "ये दोनों वैरिअंट उस समय बेल्जियम में घूम रहे थे, इसलिए यह संभावना है कि महिला दो अलग-अलग लोगों के अलग-अलग वायरस से सह-संक्रमित हुई थीं।
वैंकेरबर्गेन ने कहा कि यह कहना मुश्किल है कि क्या दोनों तरह के संक्रमण ने रोगी की तबियत के तेजी से बिगड़ने में भूमिका निभाई। यह शोध, जो अभी तक किसी भी मेडिकल जर्नल में प्रकाशित करने के लिए जमा नहीं किया गया है, को यूरोपीय कांग्रेस ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी एंड इंफेक्शियस डिजीज में प्रस्तुत किया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बुजुर्ग महिला ने वैक्सीन नहीं लगवाया था। वह घर पर ही नर्सिंग स्टाफ उसकी देखभाल करती थी। महिला को बेल्जियम के आल्स्ट शहर के ओएलवी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद वह पॉजिटिव पाई गई थीं।
बुजुर्ग महिला का ऑक्सीजन लेवल ठीक था, बावजूद इसके उनकी तबियत लगातार बिगड़ती जा रही थी और पांच दिनों के बाद ही उनकी मौत हो गई।
शोध में शामिल ओएलवी अस्पताल के आणविक जीवविज्ञानी ऐनी वेंकेरबर्गेन ने कहा, "ये दोनों वैरिअंट उस समय बेल्जियम में घूम रहे थे, इसलिए यह संभावना है कि महिला दो अलग-अलग लोगों के अलग-अलग वायरस से सह-संक्रमित हुई थीं।
वैंकेरबर्गेन ने कहा कि यह कहना मुश्किल है कि क्या दोनों तरह के संक्रमण ने रोगी की तबियत के तेजी से बिगड़ने में भूमिका निभाई। यह शोध, जो अभी तक किसी भी मेडिकल जर्नल में प्रकाशित करने के लिए जमा नहीं किया गया है, को यूरोपीय कांग्रेस ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी एंड इंफेक्शियस डिजीज में प्रस्तुत किया जा रहा है।
