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Last Modified: नई दिल्ली , गुरुवार, 5 मार्च 2026 (16:39 IST)

PM मोदी ने की यूक्रेन और ईरान यु़द्ध रोकने की अपील, बोले- सैन्य संघर्ष समाधान नहीं, संवाद ही एकमात्र तरीका

Prime Minister Narendra Modi made this appeal regarding war
Prime Minister Narendra Modi made this appeal regarding war : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन और ईरान-अमेरिका और इसराइल के बीच हो रही जंग को लेकर दुनिया को महत्वपूर्ण संदेश दिया है। खबरों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान केवल सेना नहीं हो सकती। प्रधानमंत्री मोदी ने आज रायसीना डायलॉग 2026 को संबोधित करते यूक्रेन और अमेरिका-इसराइल-ईरान युद्धों को जल्द से जल्द समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संघर्षों को सुलझाने का एकमात्र तरीका संवाद और कूटनीति ही है। उन्होंने कहा कि चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम संघर्ष के शीघ्र अंत और शांति के लिए हर प्रयास का समर्थन करते रहेंगे।
 

आतंकवाद को समाप्त करना साझा प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम इस बात पर भी सहमत हैं कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार न केवल आवश्यक है, बल्कि अत्यावश्यक भी है और आतंकवाद को उसके सभी रूपों में समाप्त करना हमारी साझा प्रतिबद्धता है।

किसी भी मसले का हल सिर्फ सेना नहीं कर सकती

प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान-अमेरिका जंग के बीच कहा, किसी भी मसले का हल सिर्फ सेना नहीं कर सकती है। प्रधानमंत्री ने फिनलैंड के साथ रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर जोर दिया। दोनों देशों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जो द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाई देंगे।
 
भारत और फिनलैंड दोनों ही कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। ये समझौते भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और प्रबल करेगा। मोदी ने कहा कि हम इस बात पर भी सहमत हैं कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार न केवल आवश्यक है, बल्कि अत्यावश्यक भी है।

कच्चे तेल की सप्लाई पर होगा बुरा असर

अमेरिका-इसराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद पूरा मिडिल ईस्ट अस्थिर हो गया है। इसका सबसे बुरा असर कच्चे तेल की सप्लाई पर हुआ है। ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इस बीच फिर से चर्चा शुरू कर दी है कि क्या इन्वेस्टर को ग्लोबल अनिश्चितता से बचने के लिए एनर्जी से जुड़े इन्वेस्टमेंट में अपना एक्सपोजर बढ़ाना चाहिए।
 

ट्रंप का दावा- हथियारों का है भंडार...

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि उनके देश के पास अहम हथियारों की लगभग असीमित सप्लाई है। वहीं ईरान के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसके पास दुश्मन का लंबे समय तक मुकाबला करने की क्षमता है। यूक्रेन लंबे समय से रूस की तुलना में कम हथियारों और कम सैनिकों के बावजूद उससे लड़ रहा है।
 

अब तक 2000 से ज्‍यादा हमले

इसराइल-अमेरिका और ईरान के बीच इस जंग की शुरुआत में ही हमलों की रफ़्तार बहुत तेज रही है। दोनों पक्ष जितनी तेजी से हथियार इस्तेमाल कर रहे हैं, उतनी तेजी से उनका उत्पादन नहीं हो पा रहा है। तेल अवीव स्थित इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज (INSS) का अनुमान है कि अमेरिका और इसराइल अब तक 2000 से अधिक हमले कर चुके हैं।

IREF ने सरकार से मांगी सहायता 

भारतीय चावल निर्यात संघ (IREF) ने सरकार से ईरान संकट और प्रमुख समुद्री मार्गों में अस्थिरता के कारण पैदा हुए व्यवधान के प्रभाव को कम करने के लिए तत्काल सहायता मांगी है। चावल निर्यातकों के निकाय ने कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) को दिए अपने ज्ञापन में कहा कि निर्यातक इस वक्त कंटेनर की भारी कमी, पश्चिम एशिया के लिए जहाजों को रद्द किए जाने तथा लॉजिस्टिक लागत में भारी वृद्धि का सामना कर रहे हैं।

आसमान में गूंज रहीं खौफनाक आवाजें 

लड़ाई अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच हो रही है, लेकिन जल पूरा मिडिल ईस्ट रहा है। दूसरे देशों के नागरिक फंसे हुए हैं और आसमान में मिसाइलों की खौफनाक आवाजें गूंज रही हैं। इस बीच ईरान ने दावा किया कि इसराइल ने स्कूल पर मिसाइल गिराकर 168 लोगों की जान लेली है और इसराइल का कहना है कि स्कूल पर गिरी मिसाइल ईरान की है, जो रास्ता भटककर स्कूल पर गिरी थी।
Edited By : Chetan Gour
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