नवरात्रि में कुछ तला हुआ खाने का मन है, तो पहले गौर करें ये खास टिप्स


 
 
 
 
कोई भी पर्व हो चाहे वो नवरात्रि हो, दशहरा हो या फिर दिवाली, हमारे यहां तलकर बहुत से व्यंजन बनाए जाते हैं और वे सभी को पसंद भी आते हैं, इसलिए जरूरी है कि हमें तेल की पौष्टिकता व शुद्धता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आइए जानें कुछ
 
(1) सस्ते के चक्कर में कोई भी ब्रांड या खुला तेल कभी न खरीदें अन्यथा स्वास्थ्य को हानि पहुंचाकर यह महंगा ही पड़ेगा। तेल पारदर्शी, गंधरहित व आसानी से अच्छी धार बनाने वाला होना चाहिए। 
 
(2) तलने के लिए तेल आवश्यकता अनुसार पर्याप्त मात्रा में लें। मात्रा न बहुत कम हो, न बहुत ज्यादा। तेल की मात्रा कम होने से सामग्री अच्छी तरह तलेगी नहीं और तेल ज्यादा होने से अनावश्यक ही गरम होकर उड़ता रहेगा। 
 
(3) जब बहुत सारी सामग्री तलनी हो तब भी एक साथ बहुत तेल न चढ़ाएं, बल्कि इतना ही चढ़ाएं जितने में 3-4 पाए अच्छी तरह निकल जाएं। अब फिर तेल डालकर गरम होने दें और तेल के गरम हो जाने पर तलना शुरू करें। इससे तेल की पौष्टिकता बनी रहेगी। 
 
(4) जब तेल अच्छी तरह गरम हो जाए तभी तलना शुरू करें। तलते वक्त आंच धीमी रखें। पर हां, इतनी धीमी भी नहीं कि तलने में बहुत देर लगे। इससे समय तो बर्बाद होगा ही, खाद्य पदार्थ तेल भी ज्यादा सोखेंगे। 
 
(5) एक बार में उतनी ही खाद्य सामग्री डालें जितनी आराम से तली जा सके। जल्दी के चक्कर में ज्यादा सामग्री डाल देने से कोई भी टुकड़ा ढंग से नहीं तला जा सकेगा। 
 
(6) एक ही बार में बहुत सारा तेल डाल देने से तेल निरंतर आंच पर पड़ा गरम होता रहता है और परिणामस्वरूप तेल की पौष्टिकता कम हो जाती है। अत: ज्यादा तेल एकसाथ कड़ाही में डालने से बचें। 

 

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