सफलता की चाह किसे नहीं होती और सफलता की इस दौड़ में आज हर कोई खुद को सबसे आगे रखना चाहता है। इसके लिए सभी विभिन्न मैनेजमेंट गुरुओं, व्यक्तित्व विकास कक्षाओं और बड़े-बड़े लेखकों की किताबों की मदद ले रहे हैं। लेकिन, कुशल प्रबंधन के गुर हमारी पौराणिक और अन्य छोटी-छोटी कहानियों में भी छिपे हुए हैं।
'गुरु-मंत्र' के माध्यम से हम आपके समक्ष लेकर आ रहे हैं सफलता के 'मंत्र', जिन्हें छोटी-छोटी कहानियों के जरिये सरल और सुरुचिपूर्ण तरीके से पेश किया गया है।
किसी ने कहा कि 'देखन में छोटे लगें, घाव करें गंभीर..'। हमें उम्मीद है कि 'गुरु-मंत्र' का हर एक शब्द आपके लिए 'स्वर्ण कण' के समान होगा, जिन्हें एकत्रित कर आप अपनी सफलता का 'हार' बना सकते हैं। प्रस्तुत है इसी श्रृंखला की पहली कड़ी :-