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डर भगाओ, अच्छे नंबर पाओ

करियर
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एक्‍जाम की तैयारी करने में दिक्कत तब आती है, जब हम पहले तो उसे सीरि‍यसली नहीं लेते मगर जब एक या दो दिन बचते हैं तो दिन-रात पढ़ने बैठ जाते हैं। ऐसा करने पर हमारी तैयारी ठीक तरह से नहीं हो पाती और स्‍ट्रेस पैदा हो जाता है। स्‍ट्रेस हो जाने पर हमें थोड़ा-बहुत जो याद होता है तो वह भी भूल जाते हैं।

एक्‍जाम की तैयारी पहले से ही की जाए तो परेशानी नहीं होगी। यदि बोर्ड परीक्षा को भी अन्य एक्‍जाम की तरह लिया जाए तो बच्चों पर उसका इतना खौफ नहीं रहेगा। घर हो या स्कूल हर जगह ही बच्चों से बात-बात पर कहा जाता है कि इस बार बोर्ड की एक्‍जाम है, अतः पढ़ाई के अलावा किसी अन्य चीज पर ध्यान मत दो। बस यहीं से बच्चों में बोर्ड एक्‍जाम का खौफ पैदा होने लगता है।

इस बात को हमेशा ध्यान में रखा जाना चाहिए कि बच्चा जितना स्‍ट्रेस फ्री रहेगा, उतनी ही वह एक्‍जाम की तैयारी ठीक प्रकार से कर पाएगा। बच्चों को भी चाहिए कि वह बोर्ड एक्‍जाम का नाम सुनकर जरा भी परेशान न हों और धैर्य के साथ अपनी तैयारी करते रहें। स्कूल में जो भी पढ़ाया जाए, उसे घर पर आकर भी दोहराएँ।

पिछले वर्षों के पेपर्स की स्‍टडी करें और देखें कि एक्‍जाम में किस प्रकार के प्रश्न आते हैं। छोटे व बड़े दोनों प्रकार के प्रश्नों पर ही ध्यान देना चाहिए। कई बार छोटे-छोटे प्रश्न भी महत्वपूर्ण होते हैं, अतः इनकी भी प्रेक्‍टि‍स करते रहना चाहिए। एक्‍जाम की तैयारी लिखकर करनी चाहिए क्योंकि इससे भूलने का चांस कम ही रहेगा। साथ ही यह भी पता चल जाएगा कि किस तरह के प्रश्न का उत्तर देने में कितना समय लगता है। इसका फायदा भी एक्‍जाम के समय अवश्य मिलेगा।

एक्‍जाम की तैयारी टाइम टेबल बनाकर करें। जो सब्‍जेक्‍ट टफ लगता हो, उसे ज्‍यादा टाइम दें। इसका मतलब यह नहीं कि आसान लगने वाले सब्‍जेक्‍ट को भूल ही जाएँ। उसे भी कुछ समय अवश्य दें। एक्‍जाम की तैयारी का यह मतलब कदापि नहीं कि सिर्फ पढ़ते ही रहें और आराम जरा भी न किया जाए। आराम तो करना ही चाहिए, साथ ही थोड़ा-बहुत मनोरंजन भी अवश्य करना चाहिए। विद्यार्थियों को योग भी करना चाहिए, इससे दिमाग स्‍ट्रेसफ्री रहेगा और एक्‍जाम की तैयारी ठीक प्रकार से हो सकेगी।