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Written By ND

कराटे में ढूँढा बिजनेस...

करियर
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व्यक्ति अगर मन में दृढ़ निश्चय कर समाज को कुछ देने की मंशा के साथ बिजनेस आरंभ करता है तब निश्चित रूप से सफलता मिलती है। और यह सफलता ऐसी होती है जो न केवल आपकी कंपनी को पहचान देती है बल्कि समाज में आपकी इज्जत भी बढ़ जाती है।

डॉन बैरन्स महिला स्टंट्वुमन का काम करती थी। वर्ष 1984 में उन्होंने अपने दो लड़कों के साथ एक कराटे क्लास ज्वाइन की। उन्हें यह नहीं पता था कि इसका क्या फायदा है और वहाँ क्या सिखाते हैं। क्लास में जाने के बाद उन्होंने यह पाया कि इससे बच्चों पर काफी ज्यादा सकारात्मक असर पड़ा और वे अपनी जिंदगी में न केवल बड़ों की इज्जत करने लगे बल्कि उनकी विचारधारा ही बदल गई।

जब डॉन ने इस संबंध में काफी गहराई से सोचा तब उन्होंने यह पाया कि क्यों न स्वयं ही एक कराटे क्लास आरंभ की जाए ताकि समाज में ओर भी बच्चों को इससे फायदा हो। दरअसल डॉन ने कराटे सीखने के अलावा कराटे से जुड़े आध्यात्मिक पक्ष का भी गहराई से अध्ययन किया और यह भी जाना कि किस तरह से इसका असर बच्चों पर पड़ता है।

केवल महिलाओं के लिए भी क्लॉस आरंभ की

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डॉन ने कराटे किड्स नाम से क्लास की शुरुआत की और गंभीरता के साथ काम करना आरंभ कर दिया। धीरे धीरे कराटे किड्स की लोकप्रियता बढ़ने लगी। वे अपने प्रशिक्षण में बच्चों को यह सिखाती थीं कि प्रतिदिन कुछ ऐसा करो जिससे आपका दिमाग,शरीर और आत्म सशक्त बने। उनके इस वाक्य ने काफी जोरदार काम किया। इसके अलावा उन्होंने अपने क्लास की काफी अच्छी सजावट की थी।

देखते ही देखते उनके पास 1200 से ज्यादा छात्र आने लगे और सभी 4 से 14 वर्ष के बीच के थे। उन्होंने अपने अनुभव की डीवीडी बनाई और बच्चों के व्यक्तित्व को कराटे के माध्यम से कैसे विकसित किया जाए इस ओर कार्य करना आरंभ कर दिया। कुछ ही समय में वे सेलिब्रिटी बन गईं और आज उनके अमेरिका में 7 स्टूडियो हैं। उन्होंने इसके बाद कई प्रयोग किए।

केवल महिलाओं के लिए भी क्लास आरंभ की और बाद में ढाई वर्ष के बच्चे व उनकी माँ के लिए भी अलग से स्पेशल क्लासेस लगाना आरंभ किया।
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