चाँदनी चौक टू चाइना
|
निर्देशक : निखिल आडवाणी
संगीत : शंकर-अहसान-लॉय
कलाकार : अक्षय कुमार, दीपिका पादुकोण, रणवीर शौरी, मिथुन चक्रवर्ती, गॉर्डन लियू
सिद्धू (अक्षय कुमार) दिल्ली के चाँदनी चौक में सड़क किनारे लगी खाने की दुकान में सब्जी काटता है। अपनी जिंदगी से वह खुश नहीं है और उसके बड़े-बड़े सपने हैं। बजाय मेहनत के वह शॉर्टकट के जरिये आगे बढ़ना चाहता है। ज्योतिषियों, फकीरों और साधुओं से वह किस्मत चमकाने के तरीके पूछता रहता है। उसे खुद की मेहनत पर भरोसा नहीं है।
दादा (मिथुन चक्रवर्ती) उसके पिता जैसे हैं। वे अकसर उसे फालतू की बातों पर ध्यान न देकर मेहनत पर जोर देने की बात कहते हैं, लेकिन सिद्धू एक कान से सुनता है और दूसरे से निकाल देता है।
|
सिद्धू बड़ा खुश हो जाता है। उसे लगता है कि सब्जी काटने से उसे छुट्टी मिल गई है। उसे महँगी शराब और सुंदर स्त्रियाँ सपने में दिखाई देने लगती हैं। भारतीय और चीनी भाषाओं का जानकार चॉपस्टिक (रणवीर शौरी) ये बात जानता है कि सिद्धू को वे दोनों चीनी बेवकूफ बना रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वह उनकी मदद करता है। दरअसल वे दोनों चीनी सिद्धू को खूँखार स्मगलर होजो (गॉर्डन लियू) के चंगुल से अपना गाँव छुड़ाने ले जा रहे हैं।
|
|
|
आखिरकार एक दिन वह होजो की पकड़ में आ ही जाता है। होजो उसकी असलियत सबके सामने खोल देता है। सिद्धू अब बदला लेना चाहता है और इसके लिए वह कूंगफू सीखता है। अंत में सिद्धू अपने मकसद में कामयाब होता है।

