दिलीप कुमार की आंखों में देख डायलॉग भूल जाते थे अमिताभ बच्चन

Last Updated: बुधवार, 7 जुलाई 2021 (16:32 IST)
और अमिताभ बच्चन। दोनों ही भारत के श्रेष्ठ अभिनेता। एक दौर ऐसा भी था जब दोनों साथ में फिल्में कर रहे थे। तब कई लोगों की इच्छा थी कि इन दोनों महान अभिनेताओं को एक ही फिल्म में देखने की। लेकिन ऐसी स्क्रिप्ट नहीं मिल रही थी कि दोनों साथ में फिल्म कर सके।

आखिरकार सलीम-जावेद द्वारा लिखी गई स्क्रिप्ट 'शक्ति' फाइनल हुई जिसमें ये दोनों एक्टर्स काम करने के लिए राजी हुए। शोले वाले डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने इसे निर्देशित किया।

जिन्होंने शक्ति (1982) देखी है उन्हें पता है कि इस फिल्म में दिलीप कुमार और की एक्टिंग का स्तर कितना ऊंचा है। मानो दोनों में होड़ थी कि कौन बेहतर अभिनेता है और इसके लिए दोनों ने पूरी ताकत झोंक दी।

पिता-पुत्र के रिश्ते पर आधारित इस फिल्म में स्मिता पाटिल और राखी गुलजार भी थे, लेकिन सारी निगाहें तो अमिताभ और दिलीप कुमार पर लगी थी।

अमिताभ का रोल कुछ इस तरह का था कि वे अपने पिता (दिलीप कुमार) से नाराज हैं और अमिताभ ने अपने एंग्रीयंग मैन वाले चिरपरिचित रोल में खूब चौके-छक्के मारे।

दूसरी ओर दिलीप कुमार ने ऐसे पिता का रोल निभाया तो अपने परिवार से ऊपर फर्ज को अहमियत देते हैं। वे एक पहाड़ जैसे नजर आते हैं जिसे अपने सिद्धांतों से डिगाना नामुमकिन लगता है।

इन दोनों अभिनेताओं के कई बेहतरीन दृश्य फिल्म में नजर आते हैं। टकराव वाले दृश्यों में तो वे फिल्म का स्तर ही ऊंचा उठा देते हैं।

एक सीन में अमिताभ को पीछे घूम कर दिलीप कुमार की आंखों में देख संवाद बोलना थे। आसान सीन था, लेकिन अमिताभ जैसे अभिनेता को इस सीन को करने में 20 से ज्यादा रीटेक देने पड़े।

अमिताभ का कहना था कि जैसे ही वे दिलीप कुमार की आंखों में देखते हैं, संवाद भूल जाते हैं। दिलीप कुमार की आंखों में न जाने क्या जादू था कि बिग बी गड़बड़ कर जाते थे।

जब यह फिल्म रिलीज हुई तो दर्शकों में इस बात को लेकर बहस होती थी कि किसने बेहतर अभिनय किया है? युवाओं को अमिताभ का अभिनय पसंद आया तो सीनियर्स को दिलीप कुमार का।

बात पुरस्कार समारोह तक जा पहुंची। फिल्मफेअर अवॉर्ड्स वालों ने दिलीप कुमार और अमिताभ, दोनों को ही, बेस्ट एक्टर की कैटेगरी में नॉमिनेट कर दिया। लेकिन दिक्कत तो ये थी कि किसे बेस्ट माना जाए।

जब घोषणा हुई तो बाजी दिलीप कुमार के हाथ लगी। उन्हें बेस्ट एक्टर का पुरस्कार दिया गया। अब बेस्ट तो एक ही चुना जा सकता है।

कहने वाले कहते हैं कि दोनों को ही यह अवॉर्ड दिया जाना था। बहरहाल, अमिताभ ने सदैव ही यह माना कि दिलीप कुमार उनसे कहीं बेहतर एक्टर थे और वे इस बात को भी स्वीकारते हैं कि दिलीप कुमार का प्रभाव उनके अभिनय में भी नजर आता है।



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