'आशिकी' से रातों रात स्टार बन गए थे राहुल रॉय़, 11 दिनों में साइन की थी 47 फिल्में
राहुल रॉय सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि 1990 के दशक का एक इमोशन हैं। 9 फरवरी 1966 को जन्मे राहुल ने जब महेश भट्ट की 'आशिकी' से पर्दे पर कदम रखा, तो वह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक क्रांति बन गई। उनके लंबे बालों का स्टाइल उस समय हर युवा की पहली पसंद था।
'आशिकी' की सुनामी इतनी जबरदस्त थी कि राहुल को फिल्म रिलीज के बाद 8 महीनों तक घर से निकलना मुश्किल हो गया था। उन्होंने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि सफलता के उस चरम पर उन्होंने मात्र 11 दिनों के भीतर 47 फिल्में साइन की थीं—एक ऐसा रिकॉर्ड जो आज के दौर के सितारों के लिए भी अकल्पनीय है।
करियर के उतार-चढ़ाव और 'जुनून' का साहस
जहां 'आशिकी' ने उन्हें रोमांटिक हीरो बनाया, वहीं 1992 में फिल्म 'जुनून' ने उनके अभिनय का दूसरा पहलू दिखाया। एक शापित शेर के किरदार में उनके ट्रांफॉर्मेशन ने दर्शकों को डरा भी दिया और रोमांचित भी किया। इसके बाद उन्होंने 'फिर तेरी कहानी याद आई' और 'गुमराह' में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। हालांकि, कई फिल्में फ्लॉप होने और कुछ प्रोजेक्ट्स के डिब्बाबंद होने के कारण उनका करियर ग्राफ धीरे-धीरे नीचे आने लगा।
बिग बॉस: इतिहास रचने वाले पहले विजेता
जब फिल्मों में लंबी खामोशी छाई, तो राहुल रॉय ने 2006 में टेलीविजन का रुख किया। वे 'बिग बॉस' के पहले सीजन के प्रतिभागी बने। अपनी शालीनता और सुलझे हुए व्यक्तित्व के कारण उन्होंने न केवल जनता का दिल जीता, बल्कि शो के पहले 'विजेता' बनकर इतिहास रच दिया।
राहुल रॉय का जीवन व्यक्तिगत मोर्चे पर भी काफी चर्चा में रहा। मॉडल राजलक्ष्मी खानविलकर से शादी और फिर 2014 में हुए तलाक ने उन्हें काफी प्रभावित किया। साल 2020 में कारगिल में शूटिंग के दौरान उन्हें ब्रेन स्ट्रोक का सामना करना पड़ा, जिससे उबरने में उन्हें लंबा समय लगा। इस मुश्किल घड़ी में सलमान खान जैसे सितारों ने उनकी मदद की। 2025-26 के दौरान वे कुछ स्वतंत्र फिल्मों जैसे 'Agra' में एक बार फिर अपनी अदाकारी का जौहर दिखाते नजर आए हैं।