23 January Parakram Diwas: हर वर्ष 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती मनाई जाती है। सुभाष चंद्र बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता और प्रेरणास्त्रोत रहे हैं। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और साहस का प्रतीक है। नेताजी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपने योगदान से न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में एक अनमोल स्थान हासिल किया। उन्होंने 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा' जैसे प्रेरणादायक शब्दों से भारतीयों को एकजुट किया।
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पराक्रम की प्रतिमूर्ति नेताजी का जीवन
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जन्म और प्रारंभिक जीवन
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दिल्ली चलो
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अमर नारे और विचार
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पराक्रम दिवस का महत्व
भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रखर नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को देश अब 'पराक्रम दिवस' के रूप में मनाता है। वर्ष 2026 में उनकी 129वीं जयंती मनाई जा रही है। नेताजी ने न केवल 'आजाद हिंद फौज' का गठन किया, बल्कि ब्रिटिश हुकूमत की आंखों में आंखें डालकर आजादी छीनने का साहस भी दिखाया। उनके विचार और राष्ट्रप्रेम आज भी हर भारतीय के दिल में जोश भर देते हैं।
पराक्रम की प्रतिमूर्ति नेताजी का जीवन
1. जन्म और प्रारंभिक जीवन:
सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में हुआ था। वे बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे और उन्होंने कठिन मानी जाने वाली ICS (इंडियन सिविल सर्विस) की परीक्षा पास की थी, लेकिन देश सेवा के लिए उन्होंने अंग्रेजों की नौकरी ठुकरा दी।
2. दिल्ली चलो:
नेताजी का मानना था कि अहिंसा के साथ-साथ सशस्त्र क्रांति भी जरूरी है। उन्होंने विदेशों में जाकर भारतीयों को लामबंद किया और 'आजाद हिंद फौज' (INA) की कमान संभाली। उनके 'दिल्ली चलो' के नारे ने पूरे देश में क्रांति की लहर पैदा कर दी थी।
3. पराक्रम दिवस का महत्व:
भारत सरकार ने उनके अदम्य साहस को सम्मान देने के लिए 23 जनवरी को 'पराक्रम दिवस' घोषित किया है। इस दिन देशभर में सैन्य प्रदर्शन, स्कूलों में भाषण और नेताजी की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की जाती है।
4. अमर नारे और विचार:
'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।'
'जय हिंद' (जो आज हमारा राष्ट्रीय नारा है)।
उनका मानना था कि सफलता केवल संघर्षों से ही मिलती है।
पराक्रम दिवस-FAQs
प्रश्न 1. 23 जनवरी को कौन सा दिवस मनाया जाता है?
उत्तर: 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में 'पराक्रम दिवस' मनाया जाता है।
प्रश्न 2. नेताजी को 'नेताजी' की उपाधि किसने दी थी?
उत्तर: कहा जाता है कि जर्मनी के लोगों और एडोल्फ हिटलर ने उन्हें पहली बार 'नेताजी' कहकर पुकारा था।
प्रश्न 3. नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म कहां हुआ था?
उत्तर: उनका जन्म कटक, ओडिशा में हुआ था।
प्रश्न 4. पराक्रम दिवस 2026 की थीम क्या है?
उत्तर: आमतौर पर यह दिन 'युवाओं के सशक्तिकरण' और 'राष्ट्रवाद' की थीम पर आधारित होता है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस केवल एक नेता नहीं, बल्कि क्रांति, आत्मबल और राष्ट्रगौरव का प्रतीक हैं। उनकी जयंती हमें याद दिलाती है कि देश की स्वतंत्रता और एकता के लिए साहस, त्याग और निष्ठा कितनी आवश्यक है।
जय हिंद!
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