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  4. Swami Vivekananda Jayanti Jan 12, 2026
Written By WD Feature Desk
Last Updated : सोमवार, 12 जनवरी 2026 (09:26 IST)

Swami Vivekananda Jayanti: स्वामी विवेकानंद का जीवन परिचय, 5 अनसुनी बातें और खास उपलब्धियां

Swami Vivekananda Birthday
Vivekananda Birth Anniversary: भारतीय इतिहास के सबसे प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरुओं और समाज सुधारकों में से एक स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी को भारत में 'राष्ट्रीय युवा दिवस' के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने न केवल भारतीय अध्यात्म का डंका पूरी दुनिया में बजाया, बल्कि सोए हुए भारतीय समाज को जगाने का भी काम किया।ALSO READ: Vivekananda Quotes: दुनिया को एक नई दिशा दे सकते हैं स्वामी विवेकानंद के ये 10 अनमोल विचार

नरेन्द्रनाथ बचपन से ही बुद्धिमान और जिज्ञासु थे। वे वेद, शास्त्र और भारतीय संस्कृति के बारे में गहरी रुचि रखते थे। उन्हें बचपन से ही योग और ध्यान में रुचि थी, और उनका मानसिक विकास बहुत तीव्र था। आइये यहां जानते हैं स्वामी विवेकानंद के जीवन की खास बातें...
 
यहां स्वामी विवेकानंद का संक्षिप्त जीवन परिचय और उनके जीवन की कुछ बेहद खास बातें दी गई हैं:
 
स्वामी विवेकानंद का संक्षिप्त जीवन परिचय
 
जन्म: 12 जनवरी, 1863 (कोलकाता, पश्चिम बंगाल)।
 
बचपन का नाम: नरेंद्रनाथ दत्त।
 
माता-पिता: पिता विश्वनाथ दत्त (प्रसिद्ध वकील) और माता भुवनेश्वरी देवी (धार्मिक विचारों वाली महिला)।
 
गुरु: रामकृष्ण परमहंस।
 
संस्था की स्थापना: रामकृष्ण मिशन (1897) और रामकृष्ण मठ।
 
महासमाधि: 4 जुलाई, 1902 (मात्र 39 वर्ष की आयु में)।
 
स्वामी विवेकानंद के जीवन की 5 खास बातें
 
1. गुरु से वह ऐतिहासिक सवाल:
युवा नरेंद्र के मन में ईश्वर को लेकर बहुत जिज्ञासा थी। उन्होंने कई विद्वानों से पूछा था, 'क्या आपने ईश्वर को देखा है?' सभी ने उन्हें घुमावदार जवाब दिए, लेकिन रामकृष्ण परमहंस ने निडर होकर कहा- 'हां, मैंने देखा है। ठीक वैसे ही जैसे मैं तुम्हें देख रहा हूं, बल्कि उससे भी कहीं अधिक स्पष्टता से।' इसके बाद नरेंद्र उनके शिष्य बन गए।
 
2. शिकागो धर्म संसद (1893):
विवेकानंद जी को अंतरराष्ट्रीय पहचान तब मिली जब उन्होंने शिकागो की विश्व धर्म संसद में भाषण दिया। उनके भाषण की शुरुआत- 'मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों' के संबोधन से हुई, जिसे सुनकर पूरा हॉल 2 मिनट तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। उन्होंने दुनिया को बताया कि हिंदुत्व सभी धर्मों को समाहित करने की शक्ति रखता है।ALSO READ: स्वामी विवेकानंद की जयंती पर इस बार बंगाल में क्या खास है?
 
3. 'राष्ट्रीय युवा दिवस' के प्रेरणास्रोत:
स्वामी जी का मानना था कि युवाओं के पास दुनिया बदलने की शक्ति होती है। उन्होंने नारा दिया- 'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।' उनके इन्हीं विचारों के कारण 1985 से उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस घोषित किया गया।
 
4. अद्भुत एकाग्रता और याददाश्त:
स्वामी विवेकानंद की एकाग्रता इतनी तेज थी कि वे एक बार किसी किताब को पढ़ लेते थे, तो उन्हें उसका हर पन्ना और हर शब्द याद हो जाता था। कहा जाता है कि वे लाइब्रेरी से मोटी-मोटी किताबें लाते और अगले ही दिन वापस कर देते। जब लाइब्रेरियन ने पूछा कि क्या आप सच में पढ़ते हैं, तो स्वामी जी ने किताब का कोई भी हिस्सा सुनाकर उसे हैरान कर दिया।
 
5. देशभक्ति और मानवता:
स्वामी जी के लिए धर्म केवल पूजा-पाठ नहीं था। उन्होंने कहा था- 'जब तक इस देश में एक भी कुत्ता भूखा है, मेरा धर्म उसे खिलाना और उसकी सेवा करना है।' उन्होंने 'नर सेवा' को ही 'नारायण सेवा' को मानव सेवा ही ईश्वर सेवा बताया।
 
निधन: स्वामी विवेकानंद का निधन 39 वर्ष की आयु में 1902 में हुआ। हालांकि उनका जीवन छोटा था, लेकिन उनके विचार और कार्य आज भी जीवित हैं और लोगों को प्रेरित करते हैं।
 
प्रमुख उपलब्धियां: 
- वेदांत और योग के भारतीय दर्शन को पश्चिमी देशों (अमेरिका और यूरोप) में लोकप्रिय बनाया।
 
- अंतर-धार्मिक जागरूकता बढ़ाई और हिंदू धर्म को एक आधुनिक पहचान दी।
 
- रामकृष्ण मिशन के माध्यम से शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए।

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