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उलूक मणि का क्या है रहस्य, जानिए

शुक्रवार,मार्च 5, 2021
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मणियों को सामान्य हीरे से कहीं ज्यादा मूल्यवान माना जाता है। वेद, रामायण, महाभारत और पुराणों में कई तरह की चमत्कारिक मणियों का जिक्र मिलता है। पौराणिक कथाओं में सर्प के सिर पर मणि के होने का उल्लेख मिलता है। जैसे निलमणि, पारसमणि, नागमणि आदि। इसी में ...
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हीरा मालामाल भी कर सकता है और कंगाल भी। कई लोग शौक के तौर पर तो कई लोग दिखावे के लिए हीरा पहनने हैं। हीरे की अंगुठी या नेकलेस पहनते हैं। प्राचीन समय में रानियां हीरे का मुकुट पहनती थीं। आओ जानते हैं कि हीरा पहनने के क्या फायदे और क्या नुकसान है। ...
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शनि ग्रह को बलवान करने, शनि की साढ़े साती, शनि की ढैय्या, दशा, महादशा या अन्तर्दशा में या शनि संबंधी किसी भी प्रकार की पीड़ा को शांत करने के लिए शनि के रत्न पहने जाते हैं। रत्नों के अलावा भी और भी कुछ पहना जाता है। आओ जानते हैं सभी के संबंध में ...
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अगर आपके जीवन में पारिवारिक कलह पीछा नहीं छोड़ रहा है और पति-पत्नी के बीच अनबन रहती है तो इस परेशानी को दूर करने के लिए पत्नी को मोती का हार पहनाएं
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नीलम को नीलमणि कहा जाता है। यह कई प्रकार की होती है। शनि का रत्न नीलम और नीलमणि में फर्क है। संस्कृत में नीलम को इन्द्रनील, तृषाग्रही नीलमणि भी कहा जाता है। आओ जानते हैं नीलमणि के 6 रहस्य।
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हीरे में विशेष गुण यह है कि रोगी यदि जीवन की अंतिम सांस ले रहा हो, ऐसी अवस्था में हीरे की भस्म की एक खुराक से चैतन्यता आ जाती है।
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शनि के लिए अक्सर नीलम रत्न को पहने की सलाह दी जाती है, परंतु नीलम पहनने से पूर्व यह जान लेना चाहिए कि यह रत्न किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं क्योंकि इसे पहनने से नुकसान भी हो सकते हैं। नीलम की ही तरह एक रत्न है लाजवर्त, कुछ लोग इसे नीलम समझकर पहनने ...
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पन्ना बुध ग्रह का रत्न है। पन्ना मुख्यतः 5 रंगों में पाया जाता है। तोते के पंख के समान रंग वाला, पानी के रंग जैसा, सरेस के पुष्प के रंगों वाला, मयूरपंख जैसा
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हीरा खूबसूरत और बेशकीमती रत्न है। इसमें चिकनापन, सुंदर चमक, अंधेरे में जुगनू की तरह चमकने वाला, सुंदर कठोर व अच्छे वर्णयुक्त हो वह श्रेष्ठ हीरा है
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हमारे ऋषि-मुनियों ने रत्नों से भी कई बीमारियों के उपचार ज्योतिषी शास्त्र में बताए हैं। ये हमारे देश की ज्योतिष विद्या का एक अद्भुत चमत्कार ही है।
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तुलसीदास ने रामायण के उत्तर कांड में अवध पुरी की शोभा का वर्णन करते हुए मूंगा, पन्ना, स्फटिक और हीरे आदि रत्नों का उल्लेख किया है।
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आज हम वेबदुनिया के पाठकों को रत्नों के उपरत्न व उनकी प्रतिनिधि वनस्पति के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि किस ग्रह हेतु कौन सा रत्न प्रतिनिधि रत्न होता है एवं उस रत्न का उपरत्न कौन सा है व उस ग्रह की प्रतिनिधि वनस्पति ...
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ज्योतिषी अक्सर रत्न पहनने की सलाह देते हैं। आइए जानें रत्नों का सकारात्मक प्रभाव पाना है तो जानिए कब धारण करना चाहिए रत्न-
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कई लोग पन्ना धारण कर लेते हैं मन से या किसी अल्पज्ञानी ज्योतिष के कहने से या अखबार या किताब में पढ़कर। कई ऐसे लोग भी है जिनकी राशि मिथुन या कन्या है तो वे भी पन्ना पहन लेते हैं बगैर कुंडली की जांच किए। ऐसे में हम आपको बताते हैं पन्ना धारण करने के 10 ...
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इसी प्रकार हमारे ऋषि-मुनियों ने रत्नों से भी कई बीमारियों के उपचार ज्योतिषी शास्त्र में बताए हैं। ये हमारे देश की ज्योतिष विद्या का एक अद्भुत चमत्कार ही है।
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प्राचीनकाल से ही रत्न अपने आकर्षक रंगों, प्रभाव, आभा तथा बहुमूल्यता के कारण मानव को प्रभावित करते आ रहे हैं। अग्नि पुराण, गरुड़ पुराण, देवी भागवत पुराण, महाभारत आदि अनेक ग्रंथों में रत्नों का विस्तृत वर्णन मिलता है।
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हकीक को हिंदी में अकीक और अंग्रेजी में अगेट के नाम से जाना जाता है। ग्रीक दार्शनिकों ने इस रत्न को 300 ईसा पूर्व खोजा था। हकीक सभी मुख्य रत्नों का उप-उप रत्न विकल्प होता है। इसे आमतौर पर माला या अंगूठी के रूप में पहना जाता है। ज्योतिषी की सलाह के ...
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जब मैं किसी को रत्न ना धारण करने का परामर्श देता हूं तो उनमें से कुछ आश्चर्यचकित हो जाते हैं वहीं कुछ मायूस हो जाते हैं। सामान्यतः ज्योतिषीगण राशि रत्न, लग्नेश का रत्न, विवाह हेतु गुरू-शुक्र के रत्न धारण करने की सलाह देते हैं।
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बहुत से लोग गले में चांदी की चेन या अंगुलियों में अंगुठी पहनते हैं। कुछ लोग मोतियों की माला या चांदी में मोती की अंगुठी पहनने हैं। ज्योतिष में चांदी या मोती का संबंध चंद्रमा और शुक्र से है। दोनों ही शरीर के जल तत्व और कफ को नियंत्रित करते हैं। इनके ...
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