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Written By WD Feature Desk
Last Updated : सोमवार, 15 दिसंबर 2025 (15:31 IST)

अलविदा 2025: इस वर्ष 5 बड़े धार्मिक समारोह ने किया देश और दुनिया का ध्यान आकर्षित

Year Ender 2025
Year Ender 2025: वर्ष 2025 धार्मिक घटनाक्रमों के लिहाज से बहुत उथल पुथल के साथ की बड़े समारोह और उत्सवों का वर्ष रहा है। देश और दुनिया में धर्म को लेकर चर्चा चरम पर रही। हालांकि भारत में कई बड़े धार्मिक समारोह हुए जिनकी बहुत चर्चा रही। उन्हीं में से 5 प्रमुख समारोह को जानिए।
 
1. वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस (जबलपुर, 2-4 जनवरी): ज्ञान और अध्यात्म की धरती जबलपुर, जनवरी 2025 में एक ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनी। यहाँ रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय परिसर में वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में देश-विदेश के शीर्ष विद्वानों, शोधकर्ताओं, और सांस्कृतिक विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य भगवान राम के आदर्शों और रामायण के सार्वभौमिक संदेश को वर्तमान वैश्विक संदर्भ में स्थापित करना था। इस वर्ष कॉन्फ्रेंस का केंद्रीय विषय था: "राम राज्य के आदर्श और वैश्विक मानवता का पुनर्निर्माण"। विद्वानों ने इस बात पर जोर दिया कि रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि एक प्रबंधन नियमावली है जो कुशल शासन, परिवार कल्याण, और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर गहन मार्गदर्शन प्रदान करती है।
 
2. महाकुंभ आयोजन: भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का सबसे विराट पर्व, महाकुंभ 2025, इस वर्ष 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज के पवित्र त्रिवेणी संगम तट पर आयोजित किया गया। धर्म, संस्कृति और मानवता के इस महामिलन में, आस्था का एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ, जब अनुमानित 66 करोड़ (660 मिलियन) से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन जल में डुबकी लगाई। यह संख्या न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के इतिहास में सबसे बड़ा शांतिपूर्ण समागम बनकर उभरी।
 
3. ओडिशा की जगन्नाथ रथ यात्रा: ओडिशा में स्थित पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में हर साल भव्य रथ यात्रा का आयोजन होता है। साल 2025 में यह यात्रा 27 जून से 5 जुलाई तक चली। इस दौरान भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर विराजते हैं और भक्त मिलकर रथ को खींचते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रथ यात्रा में शामिल होने से भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस बार की यात्रा में लगभग 15 लाख श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे इसका भव्य स्वरूप और भक्ति का उत्साह दोनों ही देखने लायक थे।
 
4. सिख धर्म: पंजाब सरकार ने सिखों के नौवें गुरु, श्री तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित करने का महत्वपूर्ण कदम उठाया। 24 नवंबर 2025 को गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया गया। इन पवित्र शहरों के कॉरिडोर/गलियारों में मांस, मछली, शराब के ठेके, सिगरेट और तंबाकू उत्पादों सहित सभी प्रकार के नशीले पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है। यह फैसला इन स्थलों की धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने और इन्हें विश्वस्तरीय धर्म-पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
 
5. राम मंदिर ध्वजारोहण: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में 25 नवंबर 2025 को आयोजित हुआ 'ध्वजारोहण समारोह' वर्ष की सबसे बड़ी और गौरवपूर्ण, ऐतिहासिक और धार्मिक घटनाओं में से एक रहा। वर्षों की लंबी प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद, भगवान राम के जन्मस्थान पर बने भव्य मंदिर के सबसे ऊंचे शिखर (Spire) पर स्थायी रूप से 'धर्म ध्वजा' फहराई गई। इस भव्य और पुनीत अनुष्ठान में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया और उन्होंने स्वयं मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत सहित देशभर के विभिन्न अखाड़ों और संप्रदायों के प्रमुख साधु-संत, धर्माचार्य और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्होंने इस पल को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति के साथ जिया।