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Written By WD Feature Desk

Paus Amavasya 2025: पौष अमावस्या आज, जानें शुभ मुहूर्त, ये 3 खास कार्य करने से मिलेंगे अनेक लाभ

Paush Amavasya 2025
Paus Amavasya: पौष मास की अमावस्या हिंदू धर्म में अत्यधिक महत्वपूर्ण पर्वों में से एक मानी जाती है। यह विशेष रूप से पुण्य, तपस्या, पितृ पूजन और तर्पण के लिए प्रसिद्ध है। धार्मिक ग्रंथों में इस दिन को पितरों की आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।ALSO READ: पौष अमावस्या में पितृ तर्पण और सूर्य आराधना की पूजा सामग्री और पूजा विधि
 
यह दिन धार्मिक अनुष्ठान, पूजा, व्रत, और दान के लिए महत्वपूर्ण होता है, और हिन्दू धर्म के अनुयायी इस दिन विशेष रूप से तर्पण, स्नान और व्रत रखते हैं। पौष अमावस्या को लेकर विभिन्न मान्यताएं, परंपराएं और महत्व हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं। पौष अमावस्या का महत्व सिर्फ धार्मिक अनुष्ठानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन भी ला सकता है। 
 
इस दिन किया गया व्रत और तर्पण न केवल मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति देता है, बल्कि यह शरीर और आत्मा दोनों के लिए अत्यधिक लाभकारी होता है। इस दिन का व्रत पापों से मुक्ति, पितृदोष का निवारण और जीवन में खुशहाली लाने का प्रतीक माना जाता है। साथ ही, यह दिन पुण्य अर्जन और आत्मा की शांति के लिए भी महत्वपूर्ण होता है।
 
हिन्दू पंचांग कैलेंडर के अनुसार इस बार पौष अमावस्या 19 दिसंबर 2025, शुक्रवार को मनाई जा रही है। 
 
पौष/ दर्श अमावस्या: शुक्रवार, 19 दिसंबर 2025 के शुभ मुहूर्त
 
पौष कृष्ण अमावस्या का प्रारंभ- 19 दिसंबर को 04:59 ए एम से, 
समापन- 20 दिसंबर को 07:12 ए एम पर। 
अभिजित मुहूर्त- 11:58 ए एम से 12:39 पी एम तक।
अमृत काल- 01:03 पी एम से 02:50 पी एम तक।
 
पौष मास पर करें ये विशेष कार्य:
 
1. पितृ पूजा और तर्पण: इस दिन पितरों की पूजा और तर्पण का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस दिन पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार को उनके आशीर्वाद से समृद्धि प्राप्त होती है।
 
2. व्रत और तपस्या: पौष अमावस्या के दिन व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। यह व्यक्ति को मानसिक शांति, स्वास्थ्य, और आंतरिक संतुलन प्रदान करता है। इसके अलावा, यह व्रत पापों का नाश करने और पुण्य कमाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
 
3. धार्मिक अनुष्ठान: इस दिन विशेष रूप से हवन, पूजा, और मंत्र जाप का महत्व है। यह दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु, सूर्य देवता, और अन्य देवी-देवताओं की पूजा के लिए उपयुक्त होता है। इसके द्वारा व्यक्ति के जीवन में खुशहाली और सुख-समृद्धि आती है।ALSO READ: Paush maas amavasya 2025: पौष मास की अमावस्या का महत्व और उपाय अचूक उपाय
 
पौष अमावस्या के लाभ:
 
1. पापों से मुक्ति:
पौष अमावस्या का व्रत करने से व्यक्ति के पाप समाप्त होते हैं और उसका जीवन शुद्ध होता है। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और व्यक्ति के कष्ट दूर होते हैं।
 
2. पितृ दोष का निवारण:
यह दिन पितृ दोष से मुक्ति पाने का श्रेष्ठ समय है। पितृ तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।
 
3. आध्यात्मिक उन्नति :
पौष अमावस्या के दिन ध्यान, पूजा और व्रत करने से व्यक्ति की आध्यात्मिक उन्नति होती है। इससे मानसिक शांति और संतुलन प्राप्त होता है।
 
4. धन और समृद्धि में वृद्धि:
इस दिन किए गए दान और व्रत से व्यक्ति के जीवन में समृद्धि और धन का आगमन होता है। साथ ही, यह दिन व्यापार, करियर और परिवार के लिए शुभ होता है।
 
5. स्वास्थ्य में सुधार:
व्रत और तर्पण के कारण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। यह शरीर को ऊर्जा और ताजगी प्रदान करता है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: पौष माह की अमावस्या पर करें ये 5 ज्योतिष के उपाय तो चमक जाएगी आपकी किस्मत
 
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