Pausha Amavasya: पौष माह की अमावस्या ज्योतिष और धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह अमावस्या पितरों को समर्पित होती है और इस दिन किए गए उपाय विशेष रूप से फलदायी होते हैं। हिन्दू पंचांग कैलेंडर के अनुसार इस बार पौष अमावस्या 19 दिसंबर 2025, शुक्रवार को मनाई जा रही है। यहाँ लाल किताब और सामान्य ज्योतिष के अनुसार पौष माह की अमावस्या के कुछ प्रमुख उपाय दिए जा रहे हैं।
1. पितृ मुक्ति और दोष से संबंधित उपाय:-
तर्पण और पिंडदान: यदि संभव हो, तो किसी पवित्र नदी के तट पर या घर में ही पितरों के निमित्त तर्पण और पिंडदान करें। इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
ब्राह्मण/ज़रूरतमंदों को भोजन: इस दिन किसी ब्राह्मण को आदर सहित भोजन कराएं और उन्हें वस्त्र तथा दक्षिणा दें। भोजन में विशेष रूप से खीर अवश्य शामिल करें।
पीपल की पूजा: पीपल के वृक्ष में सभी देवी-देवताओं और पितरों का वास माना जाता है। अमावस्या की शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएँ और जल अर्पित करें। 7 बार परिक्रमा करें।
कुत्ते/गाय को भोजन: काले कुत्ते को रोटी या गाय को हरी घास/रोटी खिलाने से पितृ और कालसर्प दोष में शांति मिलती है।
2. आर्थिक और दरिद्रता निवारण उपाय:
लक्ष्मी प्राप्ति हेतु दीपक: अमावस्या की रात को, विशेष रूप से संध्याकाल में, अपने घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में घी का दीपक जलाएँ। यह दीपक रात भर जलना चाहिए।
काली चींटियों को आटा: काली चींटियों को चीनी मिला हुआ आटा (या भुना हुआ आटा) खिलाएँ। यह उपाय दरिद्रता का नाश करता है और सकारात्मकता लाता है।
चांदी का चौकोर टुकड़ा (लाल किताब): यदि धन की स्थिरता नहीं है, तो अपने पर्स या तिजोरी में चाँदी का एक चौकोर टुकड़ा रखें।
3. शनि और कालसर्प दोष निवारण उपाय:
शनिदेव की पूजा: शनि मंदिर में जाकर शनिदेव को सरसों का तेल, काले तिल, और नीले फूल अर्पित करें। 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें।
काली वस्तुओं का दान: किसी गरीब या ज़रूरतमंद व्यक्ति को काले कंबल, उड़द की दाल, तेल, या लोहा दान करें। यह शनि के अशुभ प्रभावों को कम करता है।
मछलियों को दाना: किसी जलाशय या नदी में मछलियों को आटे की छोटी गोलियाँ खिलाएँ। यह राहु (छाया ग्रह) और कालसर्प दोष के लिए प्रभावी माना जाता है।
4. मानसिक शांति और स्वास्थ्य उपाय:
महामृत्युंजय मंत्र जाप: यदि स्वास्थ्य या मानसिक तनाव की समस्या है, तो महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें।
चंद्रमा की स्तुति: भले ही अमावस्या को चंद्रमा नहीं दिखाई देता, लेकिन इस दिन अपनी मानसिक शांति के लिए शिव जी की पूजा करें, क्योंकि शिव जी ने चंद्रमा को अपने सिर पर धारण किया है।