27 मई को मंगल का राशि परिवर्तन, जानिए किस राशि में करेंगे प्रवेश, 12 राशियों पर कैसा होगा असर


मंगल 2019 को रात्रि 01 बजकर 53 मिनट पर वृषभ राशि से मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल असीम ऊर्जा देने वाले और युद्ध के कारक ग्रह माने जाते हैं। ये राशिचक्र की पहली राशि मेष और आठवीं राशि वृश्चिक के स्वामी भी माने जाते हैं। मंगल का यह परिवर्तन आपकी राशि के लिए कितना शुभ और मंगलकारी है आइए जानते हैं...

मेष : मगंल का परिवर्तन पराक्रम, बुद्धि और कौशल में वृद्धि करने वाला रहने की उम्मीद है। लंबे समय से आप यदि किसी काम को कर रहे हैं तो इस समय उसमें वृद्धि की उम्मीद कर सकते हैं। कार्यस्थल पर आपके कद, पद व प्रतिष्ठा में भी बेहतरी की संभावना है। जो जातक किन्हीं कारणों से काम से वंचित हैं उन्हें काम मिलने के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। व्यवसाय में भी लाभ प्राप्ति की कामना कर सकते हैं।
वृषभ : इस समय अपने स्वास्थ्य को लेकर आपको सचेत रहने की आवश्यकता है। विशेषकर सर व आंखों को बचाकर रखें। हालांकि कामकाज के लिहाज से यह आपके लिए शुभ कहा जा सकता है। जो कार्य रूके हुए या बहुत ही धीमी गति से हो रहे थे उनमें तेजी देखने को मिल सकती है। यदि आपका पैसा कहीं फंसा हुआ है तो उसके निकलने की संभावनाएं भी प्रबल हैं। धन प्राप्ति के योग हैं मेहनत का फल भी आपको अवश्य मिलने के आसार हैं।
मिथुन : मंगल आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं। इस समय मिथुन जातकों के जीवन में मांगलिक कार्य के आयोजन हो सकते हैं। हालांकि आपको काफी संयम व धैर्य से काम लेने की सलाह भी दी जाती है। दरअसल मंगल के प्रभाव से आपके अंदर क्रोध व गुस्से की प्रवृति इस समय बढ़ सकती है जिससे आपके पद व प्रतिष्ठा को भी हानि पंहुच सकती है।

कर्क : आपके खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। इस समय आप अपने स्वभाव में अचानक बदलाव महसूस कर सकते हैं। पैसे के मामले में थोड़ी सतर्कता रखें। लेन-देन, निवेश आदि में विशेष सावधानी बरतें। अपने आक्रोश को नियंत्रित करने पर आप सफलता की उम्मीद कर सकते हैं।

सिंह : सिंह राशि से मंगल का परिवर्तन लाभ स्थान में हो रहा है। सुखेश और भाग्येश होने के कारण सुख में वृद्धि होने व भाग्य का पूरा साथ मिलने के आसार हैं। कार्योन्नति के साथ-साथ आपके मान-सम्मान में भी वृद्धि हो सकती है। यदि लंबे समय से किसी कार्य में रूकावट महसूस कर रहे हैं तो इस समय आपकी कार्यबाधाएं भी दूर हो सकती हैं।

कन्या : कड़ी मेहनत करने पर आपको भाग्य का भी भरपूर सहयोग मिलेगा। इस दौरान अपनी माता के स्वास्थ्य के प्रति आपकी चिंता थोड़ी बढ़ सकती है। वहीं रोमांटिक जीवन के लिहाज से भी समय हो सकता है अनुकूल न रहे और साथी के साथ आपके संबंध तनावपूर्ण रह सकते हैं।
तुला : तुला राशि से मंगल भाग्य स्थान में प्रवेश कर रहे हैं। इस समय आपके रूके हुए कार्यों के बनने की पूरी-पूरी संभावनाएं हैं। कार्यक्षेत्र में आपको कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी भी मिल सकती है। हालांकि अपनी माता के स्वास्थ्य के प्रति आपको सचेत रहने की आवश्यकता भी होगी। भाग्य स्थान में चंद्र और मंगल की युति भी आपके लिए बन रही है इसलिए आपको कोई बड़ी सफलता भी इस समय मिल सकती है।

वृश्चिक : वृश्चिक राशि के स्वामी भी स्वयं मंगल है जो आपकी राशि से अष्टम स्थान में दाखिल हो रहे हैं। आठवां मंगल बहुत ही सौभाग्यशाली माना जाता है। इस समय आप अपने सपनों को मंजिल तक पंहुचाने का प्रयास कर सकते हैं। लंबी दूरी की यात्रा के योग भी आपके लिए बन रहे हैं जो मंगलमयी रहने के आसार हैं हालांकि अपनी सेहत के प्रति आपको सचेत रहने की सलाह दी जाती है।
धनु : धनु राशि से मंगल का परिवर्तन सातवां होगा। शनि मंगल की परस्पर दृष्टि होने से आपके दांपत्य जीवन में इस समय परेशानियां बढ़ सकती हैं। प्रेमी युगलों में भी इस समय दूरियां बढ़ने के आसार हैं। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

मकर : मकर राशि से मंगल छठे घर में प्रवेश कर रहे हैं जो कि शत्रु व रोग का घर माना जाता है। स्वास्थ्य के लिहाज से तो यह परिवर्तन आपके लिये बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता लेकिन अपने प्रतिद्वंदियों, शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने का यह अच्छा अवसर आपके लिए हो सकता है। वहीं आठवीं दृष्टि लग्न पर जा रही है जिसका संकेत है कि यदि पुराने समय से किसी रोग या बीमारी से आप पीड़ित हैं तो उससे राहत मिल सकती है।
कुंभ : कुंभ राशि से मंगल का पंचम भाव में परिवर्तन होगा। यह आपके आत्मविश्वास और बुद्धिबल में वृद्धि करने वाला हो सकता है। मंगल चूंकि आपके लाभ एवं व्यय घर को भी देख रहे हैं इसलिए आप अपनी किसी व्यावसायिक परियोजना अथवा प्रॉपर्टी में निवेश करके अच्छा लाभ कमा सकते हैं। इस समय आपको संतान पक्ष से भी शुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं।

मीन : मीन राशि से मंगल चौथे स्थान में गोचररत होंगे। जो कार्य व व्यवासाय के मामले में आपके लिए बहुत ही अच्छा कहा जा सकता है। हालांकि माता के सुख की कमी आपको महसूस हो सकती है हो सकता है माता के साथ आपके मतभेद बढ़ जाए इसलिऐ अपनी माता की भावनाओं का खयाल रखें उन्हें प्रसन्न रखने का प्रयास करें। रोजगार की तलाश में भटक रहे जातकों को भी रोजगार के उचित अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

 

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