स्कूलों में नहीं खुल सकेगी लॉटरी!

इंदौर | Naidunia| पुनः संशोधित मंगलवार, 27 मार्च 2012 (12:43 IST)
अनिवार्य व निःशुल्क शिक्षा अधिकार कानून के तहत 27 मार्च को शहर के किसी भी स्कूल में लॉटरी नहीं खोली जा रही है। स्कूलों में परीक्षाओं के माहौल के कारण के तहत आवेदन कम ही आए हैं। सीट से अधिक आवेदन आने पर लॉटरी खोली जाना है। शिक्षा विभाग के पास स्कूलों से इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। फिलहाल आरटीई के तहत 70 प्रतिशत सीटें खाली पड़ी हैं, जिस पर आवेदन लिए जाने हैं।


उल्लेखनीय है कि राज्य शिक्षा केन्द्र ने 21 मार्च तक आवेदन लेने और जरूरत होने पर 27 मार्च को लॉटरी से बच्चों का चयन करने के निर्देश दिए थे। इस बार शासन द्वारा आवेदन लेने के लिए गलत समय निर्धारित करने से आरटीई को लेकर कोई उत्साह नहीं दिखाई दे रहा है। सभी निजी स्कूलों में इन दिनों वार्षिक परीक्षाएँ चल रही हैं। इसके बाद मूल्यांकन का दौर चलेगा। ऐसे में स्कूल वाले आरटीई को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और इक्का-दुक्का आवेदन ही पहुँचे हैं। पहले चरण में अधिकांश सीबीएसई स्कूलों में आवेदन आने से लगभग 25 प्रतिशत सीटें तो भर गई लेकिन शेष सीटों पर भर्ती होना बाकी है। पिछले वर्ष आरटीई को लेकर प्रशासन ने जितना उत्साह दिखाया था, इस वर्ष उतना ही ठंडा मामला है। प्रशासन द्वारा न तो कोई बैठक ली गई न ही कोई निर्देश जारी किए गए हैं। इधर शासकीय स्कूलों के प्राचार्य व शिक्षक भी बोर्ड परीक्षा में व्यस्त होने से निजी स्कूलों से जानकारी एकत्र नहीं कर पा रहे हैं।


8 हजार सीटें खाली


आरटीई के तहत अभी भी लगभग 8 हजार सीटें खाली पड़ी हैं। बड़े व ख्याति प्राप्त स्कूलों में तो सीटें फुल हो गईं वहीं मध्यमवर्गीय स्कूलों में सीटें खाली रह गई हैं। स्कूल संचालकों का कहना है कि मई-जून में जब अन्य बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया चलती है, उसी समय आरटीई प्रवेश की ओर ध्यान दे सकेंगे।



और भी पढ़ें :