aaj ka sher | जिसे हम टूट कर चाहें
जिसे हम टूट कर चाहें वही अपना नहीं लगता,
अगर दिल टूट जाए तो कहीं अच्छा नहीं लगता - सय्यद सुबहान अंजुम
अगर दिल टूट जाए तो कहीं अच्छा नहीं लगता - सय्यद सुबहान अंजुम
