ज़िंदगी मैं भी मुसाफ़िर हूँ
ज़िंदगी मैं भी मुसाफ़िर हूँ तेरी कश्ती का
तू जहाँ मुझसे कहेगी, मैं उतर जाऊँगा - मुईन नज़र
तू जहाँ मुझसे कहेगी, मैं उतर जाऊँगा - मुईन नज़र

