उच्च स्तर पर भी दीर्घावधि निवेश जारी

बैंक, पावर, केपिटल गुड्स एवं रिफाइनरी शेयर आकर्षण के केंद्र में

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-शैलेंद्र कोठारी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान बैंकिंग एवं केपिटल गुड्स शेयरों में जोरदार खरीदी के सहारे निफ्टी न केवल उच्च स्तर पर टिका रहा, बल्कि इसने नया हाई भी बनाया। बाजार में चल रही अंधाधुँध खरीदी को दर्शाते हुए अनेक शेयर आश्चर्यजनक रफ्तार से बढ़ते रहे। विदेशी बाजारों में गिरावट या रिजर्व बैंक द्वारा सीआरआर में वृद्धि एवं बाजार की ओवरबॉट पोजीशन जैसे नकारात्मक कारणों को नजरअंदाज करते हुए फंड एवं बड़े निवेशक खरीददारी में मगन रहे।

तीव्र गति से उछले अधिकांश फ्यूचर शेयरों में ओपन इंटरेस्ट की मात्रा में सीमित वृद्धि से स्पष्ट संकेत मिले कि फिलहाल डिलीवरी आधारित खरीदी ही ज्यादा है। यानी बाजार के अधिकांश हिस्से में सट्टात्मकता की बजाय दीर्घावधि निवेश ही जारी है।

डेरिवेटिव विश्लेषकों का कहना है कि रिलायंस नेचुरल ने 43 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त ली है, जबकि इस काउंटर पर ओपन इंटरेस्ट मात्र 3 प्रतिशत बढ़ा है। इसी तरह एडलैब्स फिल्म्स, देना बैंक, अबॉन ऑफ शोर, इंडियन बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भेल, एबीबी, बॉयोकान, स्टेट बैंक एवं स्टरलाइट ऑप्टिकल्स के भाव तो उछले हैं, किंतु सभी के ओपन इंटरेस्ट में मामूली वृद्धि हुई है।
बैंक ऑफ बड़ौदा, एवरेस्ट कैंटो, टाटा पावर, आईओसी, सीमेंस, चेन्नई पेट्रो एवं भारत फोर्ज के भाव तो बढ़े हैं, किंतु ओपन इंटरेस्ट कम हुआ है। निष्कर्ष यह है कि उक्त सारे शेयरों पर निवेशकों को विशेष ध्यान देना चाहिए।

स्टॉक या सेक्टर स्पेसिफिक बात करें तो रिफाइनरी शेयरों में अभी भी बढ़त की गुंजाइश बनी हुई है। रिलायंस पेट्रो काफी तेजी से बढ़ चुका है व इसने चेन्नई पेट्रो, एमआरपीएल एवं बोंगईगाँव रिफाइनरी इत्यादि कंपनियों में निवेशात्मक खरीदी को आकर्षित कर लिया है। क्रूड ऑइल के साथ बढ़ते मार्जिन के कारण रिफाइनरी कपनियों का मुनाफा भी बढ़ रहा है।
पावर सेक्टर के मिड-केप शेयरों में नैवेली लिग्नाइट, जेपी हाइड्रो एवं गुजरात इंडस्ट्रीयल पावर में अभी काफी बढ़त की संभावनाएँ हैं।
प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में बैंक ऑफ राजस्थान, इंडस-इंड बैंक, डीसीबी एवं यस बैंक के काउंटरों पर चल रही गतिविधियों से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि उक्त शेयरों में और ऊँची लहरें उठने की संभावनाएँ हैं।
पीएसयू बैंकिंग शेयरों में स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, देना एवं यूको बैंक आउट परफार्मर बने हुए हैं और अब यूनियन बैंक भी इस गाड़ी पर सवार हो चुका है।

ऑइल एंड गैस सेक्टर में रिलायंस एवं ओएनजीसी लगातार बढ़ रहे हैं। इस क्षेत्र के मिड-केप शेयरों में पेट्रोनेट एलएनजी स्टार परफार्मर साबित हो सकता है।
बाजार में आए बूम के साथ ही नए इश्युओं के मार्केट में धूम मचना स्वाभाविक है। रेली गेयर में संस्थागत एवं रिटेल निवेशकों के जोरदार रिस्पांस ने अलॉटमेंट के अवसर कमजोर कर दिए हैं। बरक वैली में भी औसत रिटर्न ही मिलेगा। अभी मुंद्रा पोर्ट एवं एम्पी डिस्टीलरीज के इश्यू खुले हुए हैं। मुंद्रा पोर्ट प्रत्येक पैमाने पर एक अच्छा इश्यू है। रिटेल निवेशकों का पोर्शन बड़ा होने के कारण अधिकतम सीमा तक आवेदन पर 15 शेयर मिल सकते हैं। यानी सामान्य परिस्थितियों में 4-5 प्रतिशत तक रिटर्न मिलेगा।
एम्पी डिस्टीलरीज के इश्यू में भी अच्छी संभावनाएँ बन सकती हैं। डिस्टीलरी सेक्टर के शेयर तेजी के दौर में चल रहे हैं। साथ ही यह कंपनी अपनी फैक्टरी की अतिरिक्त जमीन को डेवलप करेगी। कंपनी एक बॉयो-मास पावर प्लांट भी लगा चुकी है और इस प्लांट से उत्पन्न 98 प्रतिशत बिजली तमिलनाडु स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड को बेची जाएगी।

डिस्टीलरी, रियल स्टेट एवं पावर तीनों ही हॉट सेक्टर हैं। अब इस इश्यू में सिर्फ बड़े निवेशकों की दिलचस्पी की जरूरत है। यदि संस्थागत निवेशकों वाला पोर्शन जोरदार भराया तो यह शेयर सबसे ज्यादा रिटर्न देगा, इसलिए निवेशक इस इश्यू की बुक बिल्डिंग प्रक्रिया पर नजर रखें।


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