माइकल फेल्प्स ने सबको चौंकाया

बीजिंग| वार्ता| पुनः संशोधित शुक्रवार, 8 अगस्त 2008 (23:28 IST)
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अमेरिकी ओलिम्पिक तैराकी ट्रायल में माइकल फेल्प्स ने 400 मीटर की दूरी एक विशेष तकनीक के जरिए विश्व रिकॉर्ड समय में तय करके सभी को अचम्भित कर दिया।


एक समय रेयान लोचते से बराबरी पर चल रहे फेल्प्स अंतिम टर्न में अचानक आगे निकल गए और यह स्पर्द्धा विश्व रिकॉर्ड समय में जीत ली। फेल्प्स की इस सनसनीखेज जीत ने तैराकी प्रशिक्षकों और वैज्ञानिकों को उनके तैरने की वीडियो रिकॉर्डिंग देखने के लिए मजबूर कर दिया कि फेल्प्स ने आखिर किस तरकीब से बराबरी पर चल रहा मुकाबला अपने नाम किया।
वीडियो रिकॉर्डिंग में यह पाया गया कि फेल्प्स ने रेयान से आगे निकलने के लिए पराम्परागत तरीके के बजाय दूसरा ढंग अपनाया। उन्होंने टर्न करते समय खुद को धकेलने के लिए रेयान की तरह दीवार पर पैर नहीं मारे बल्कि वह ताल की गहराई में गए और डॉल्फिन किक का इस्तेमाल किया। इससे उन्हें पानी में और गति मिल गई और ऊपर आने पर वह रेयान को पछाड़ चुके थे।

यूएसए स्विमिंग बायोमैकेनिक्स के संयोजक रसेल मार्क ने इस हफ्ते बीजिंग में एक इंटरव्यू के दौरान फेल्प्स की इस तकनीक का जिक्र करते हुए कहा था कि फेल्प्स इस ढंग को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।


उनका कहना था दरअसल फेल्प्स अपने प्रतिद्वंदियों के खिलाफ आखिरी टर्न में यह तकनीक आजमाते हैं1 इसका विज्ञान से कोई खास लेना देना नहीं है। ालाँकि अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह तकनीक आखिर क्यों इतनी असरदार है।



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