बीजिंग का फास्ट फूड- बिच्छुओं के कबाब

संदीप तिवारी| Last Updated: बुधवार, 1 अक्टूबर 2014 (19:12 IST)
एक प्राचीन इतिहासकार प्लिनी द एल्डर का कहना है कि रोमन लोग फ्लेमिंगो पक्षी की जीभ खाया करते थे, मध्यकालीन यूरोप के लोग जीवित बतखों का रात्रिभोज करते थे तो 19 वीं सदी के अमेरिकी हिरणों के वृषण (टेस्टीकल्स) को व्यंजन मानते थे लेकिन चीन के खाने खजाने में क्या है यह जानने के लिए आपको राजधानी बीजिंग के प्रसिद्ध त्येन आनमन चौक के पास वांगफूजियांग की खाऊ गली जाना पड़ेगा।

वैसे चीनी लोगों के बारे में कहा जाता है कि वे जो चीजें भी उड़ती हैं उन्हें खा जाते हैं बस हवाई जहाज को छोड़कर। जो प्राणी तैरते हैं वे भी चीनियों के पेट में चले जाते हैं लेकिन पनडुब्बियाँ नहीं जा पाती हैं। इसके अलावा वे क्या क्या खा सकते हैं या खाते हैं और उन्हें सुस्वादु व्यंजन की तरह खाते हैं यह जानने के लिए आपको बीजिंग के फास्ट फूड बाजार की तरह रुख करना होगा।
जो लोग चीन में हो रहे ओलिम्पिक खेलों को देखने जा रहे हैं उनके लिए एक खुश खबरी यह भी है कि वे आयोजन अवधि में चीनी व्यंजनों को न केवल देख सकेंगे वरन उन्हें चखकर देख भी सकेंगे कि ये कितने स्वादिष्ट हैं।


वांगफूजियांग स्नेक स्ट्रीट पर आपको ऐसे ऐसे व्यंजन मिलेंगे कि जिन्हें देखकर सारी दुनिया के लोग अपनी उँगलियाँ दातों तले दबाने पर मजबूर हो जाएँगे। ट्रे और कड़ाही में बकरे के फेफड़ों से लेकर बिच्‍छुओं के कबाब तो मिलेंगे ही। साथ ही पर्यटकों को कुत्तों के विभिन्न अंगों से बने सूप और सब्जियाँ भी मिल जाएँगीं।

चीनियों का मानना है कि कुछ जानवरों और उनके अंगों में चिकित्सकीय गुण होते हैं तथा वे जीवन बढ़ाने वाली शक्तियों से भरे होते हैं। यहाँ की लोकप्रिय शराब बायजू में
साँप का अचार और चाय में हिरन के उबले सींगों का अपना अलग मजा है। समुद्री घोड़ा आदमी की किडनी के लिए अच्‍छा है तो कीड़े मकोड़े लड़कियों की त्वचा और चेहरे को सुंदर बनाते हैं।
इसी तरह छिपकलियों से आदमी की प्रजनन क्षमता बढ़ती है तो बिच्छुओं को सर्दी के मौसम में खाने से खून गर्म बना रहता है। गाय और घोड़े के माँस का सूप भी दवा का काम करता है। ‍जबसे यूरोपीय व्यापारियों, धर्मोपदेशकों ने 13 वीं सदी में चीन की यात्रा शुरू की तो वे यह देखकर हैरान रह गए कि चीनी क्या-क्या खा जाते हैं? मार्को पोलो ने लिखा कि चीनी साँप, कुत्तों के अलावा कुछ स्थानों पर मानव माँस भी खा जाते हैं।
फ्रांसीसी इतिहासकार-पादरी ज्याँ बै‍पतिस्त दु हाल्दे ने 1736 में चीनी भोजन का रिकार्ड लिखा है। इसमें बताया गया है कि चीनी बारहसिंघों के लिंग, भालुओं के पंजे तक खा जाते हैं जबकि कुतों, चूहों जैसे जानवरों को खाया जाना तो आम बात है। इसके अलावा केंचुए, खरगोश, सुअर, बिच्छुओं से विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं।

इनके अलावा और भी बहुत से कीड़े, मकोड़े, जानवर और पशु पक्ष‍ी हैं जिनके अंग प्रत्यंगों से बने व्यंजन चीनों लोगों के लिए तो बहुत बड़ा आकर्षण रहे हैं लेकिन ओलिम्पिक खेलों के दौरान सारी दुनिया के लोग भी इन व्यंजनों का लुत्‍फ उठा सकते हैं।



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