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Written By भाषा

सोमनाथ चटर्जी का सपना..?

लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने संसद और विभिन्न राज्यों की विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण दिए जाने को अपना सपना बताते हुए उम्मीद जताई कि इससे संबंधित विधेयक उनके कार्यकाल में पारित हो जाएगा।

चटर्जी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 'पोषाहार से सुदृढ़ राष्ट्र का निर्माण' विषय पर यहाँ इंडिया गेट के पास आयोजित एक प्रदर्शनी का उद्घाटन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के काफी समय से संसद में पेश होने की बात है। उनको उम्मीद है कि यह विधेयक उनके कार्यकाल के दौरान संसद में पारित होगा।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण दिया जाना संविधान का एक हिस्सा है। संविधान ने महिलाओं को काफी अधिकार प्रदान किए हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण महिलाएँ उनका पूरा-पूरा लाभ उठाने में असमर्थ रहती हैं। आज महिला में उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के लिए एक संसदीय फोरम भी गठित किया गया है। वह काफी अच्छी तरह से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों को संसद में उठाया जाना चाहिए। चटर्जी ने कहा कि इस प्रदर्शनी से लोगों में निश्चित रूप से पोषाहार के बारे में जागरूकता बढ़ेगी।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि देश ने अनेक क्षेत्रों में भारी प्रगति की है, लेकिन पोषाहार का स्तर आज भी बहुत कम है और यह दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है। इसका मुख्य कारण लोगों को पोषाहार के बारे में सही जानकारी का भारी अभाव है। इससे बच्चे और गर्भवती महिलाएँ बड़ी संख्या में एनीमिया की शिकार हैं और दिन-प्रतिदिन उनकी संख्या बढ़ती जा रही है।

चटर्जी ने पोषाहार के संबंध में किए गए एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि पोषाहार के लिए हम जितनी अधिक राशि खर्च करते हैं, उसके मुकाबले पोषाहार की कमी के कारण पैदा होने वाली समस्या पर 27 गुना अधिक खर्च करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि देश में चल रही कुपोषण की समस्या का मुकाबला हम सबको मिलकर करना है और गैर सरकारी संगठन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।