भारत को अवाक्स देने की पेशकश

नई दिल्ली (वार्ता)| वार्ता| पुनः संशोधित रविवार, 3 जून 2007 (17:51 IST)
अमेरिका ने भारत की मध्यम रेंज के एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (अवाक्स) विमान की जरूरत को भाँपते हुए अपने बोइंग-737 (वैजटेल) अवाक्स देने की पेशकश है।

रक्षा सूत्रों ने अमेरिका की इस ताजा पेशकश की पुष्टि की है लेकिन उनका कहना है कि अभी इस बात पर विचार-विमर्श चल रहा है कि अमेरिकी अवाक्स के प्रस्ताव को माना जाए या फिर इसराइल से हुए फाल्कन के सौदे को आगे बढ़ाते हुए तीन और फाल्कन का आर्डर दिया जाए।

भारत के लिए अवाक्स का यह सौदा इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान स्वीडन से सात एस 100बी आर्गुस टर्बोप्रोप एयरबोर्न एर्ली वार्निंग (एईडब्ल्यूसी) सिस्टम की खरीदारी को अंतिम रूप दे चुका है।
पाकिस्तान के लिए ये अवाक्स की भूमिका निभाएँगे। दूसरी ओर पाकिस्तान चीन के साथ वाई-8 अवाक्स विमान के संयुक्त विकास और खरीदारी के मुद्दे पर भी बातचीत चलाए हुए है।

अधिक रेंज के फाल्कन और कम रेंज के भारतीय रडार के बीच की खाई को पाटने के लिए अमेरिका ने अपना वैजटेल अवाक्स देने की पेशकश की है। वायुसेना में कुछ की राय यह है कि अमेरिकी अवाक्स के बजाय इसराइली सौदे को ही आगे बढ़ा दिया जाए क्योंकि उन्हें भारतीय लड़ाकू विमानों में आसानी से फिट किया जा सकता है।
भारतीय लड़ाकू विमानों की भीतरी विमान प्रणालियाँ अधिकतर इसराइली हैं और इस वजह से फाल्कन का उनसे आसानी से मेल बैठता है।



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