वायरस पर चलने वाली बैटरी
मैसाच्युएट्स के अनुसंधानकर्ताओं की खोज
न्यूयार्क - मैसाच्युएट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी प्रोटोटाइप बैटरी इजाद की है जो पावर जनरेट करने के लिए वायरस पर चलती है। मैसाच्युएट्स के बायोमोलीक्यूलर मटेरियल ग्रुप की अनुसंधानकर्ता एंजेला बेलचर ने कहा बताया कि इस वायरस से लोगों को नुकसान कोई नहीं होता है और यह इलेक्ट्रॉनिक यंत्रों और कारों को भी ऊर्जा देने के लिए बैटरी को शक्तिशाली बनाता है। अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि बैटरी सस्ते में बनाई जा सकती हैं और वर्तमान में उपयोग की जाने वाली लीथियम बैटरियों की तुलना में पर्यावरण को कम नुकसान पहुँचाती हैं. क्योंकि इनमें कठोर कार्बनिक विलायकों का उपयोग नहीं किया जाता है। बैटरी को नॉन-टॉक्सिक पदार्थों से बनाया जाता है।प्रोटोटाइप बैटरी का उपयोग लेड लाइट में पहले से किया जा रहा है।