राष्ट्रमंडल संसदीय संघ चुनाव शनिवार को

कुआलालंपुर (भाषा)| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 8 अगस्त 2008 (23:32 IST)
भारतीय और ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडलों के कड़वाहट भरे आरोप-प्रत्यारोपों के बीच राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) के अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को ब्रिटिश सांसद लार्ड स्वराज पॉल और मलेशिया के मंत्री के बीच कड़ा मुकाबला होगा।

हाउस ऑफ लार्ड्स के लेबर सदस्य पॉल की उम्मीदवारी को ब्रिटेन और कनाडा ने प्रायोजित किया है। वे मलेशिया के सांस्कृतिक मंत्री मोहम्मद शफी अपदाल के खिलाफ लड़ रहे हैं। सीपीए में कुल 15 हजार सदस्य हैं।

दिलचस्प है कि आधिकारिक रूप से भारत को मलेशियाई उम्मीदवार का समर्थन करना है, लेकिन 32 भारतीय प्रतिनिधि किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के लिए स्वतंत्र हैं।
ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया है कि भारत और मलेशिया के बीच स्तब्ध करने वाला करार हो चुका है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने इसका कड़े शब्दों में विरोध करते हुए कहा है कि ब्रिटिश टिप्पणी सही भावना के साथ नहीं की गई है।

लोकसभा अध्यक्ष ने ब्रिटिश के नेता हग बायले की टिप्पणी की ओर संकेत करते हुए कहा इससे पता चलता है कि कहीं थोड़ी खिन्नता महसूस की जा रही है। बायले ने कहा था कि भारत और मलेशिया के बीच उस समय करार हुआ था, जब तीन साल पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष एचए हलीम को अध्यक्ष निर्वाचित किया गया था।
पॉल का मानना है कि ऐसे माहौल में स्पष्टीकरण जरूरी है, जबकि विकासशील और विकसित देश परस्पर विरोधी समूह गठित कर रहे हैं। उन्होंने कहा यह सीपीए की भावना के अनुरूप नहीं है।

पॉल ने कहा कि जो व्यक्ति इस पद पर निर्वाचित होता है वह इस पद के लिए सर्वोत्तम व्यक्ति होना चाहिए, जिसके पास प्रबंधन और परिणाम देने लायक समझ आपूर्ति और अनुभव तथा यह काम करने के लिए समय उपलब्ध हो।



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