आतंकवादी हमलों में जनता की भूमिका

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जिस गति से आतंकवादी शहरों में कर रहे हैं, उससे लगता है कि आज कोई भी शहर सुरक्षित नहीं है। इस मामले में सरकार और प्रशासन जो कदम उठा रहे हैं, वे निश्चित तौर पर नाकाफी हैं। हम सिर्फ उम्मीद ही कर सकते हैं कि भविष्य में व्यवस्था सुधरेगी, परंतु इसमें जनता की भागीदारी की भी आवश्यकता है। ऐसी किसी स्थिति में हमारी क्या भूमिका होना चाहिए?

सावधानी एवं तैयारी -
अपनी जेब अथवा अपने पर्स में कोई भी एक फोटो परिचय-पत्र रखें जिससे जरूरत के समय आपकी पहचान हो सके। एक कागज पर अपना नाम, पता और परिचित का नाम और फोन नं. लिखें और उसे सुरक्षित रखने के लिए लेमिनेट करवा लें।

अपने मोबाइल में अपने करीबी रिश्तेदारों का फोन नं., उनके नाम से सुरक्षित करने के बजाय दोस्त, पत्नी, पति, पुत्र के नाम से सुरक्षित करें। इससे जरूरत के समय कोई भी आपके परिजनों तक समाचार पहुँचा दे।

कोशिश करें कि किसी भीड़ वाली जगह पर बच्चों को न ले जाएँ।

  जिस गति से आतंकवादी शहरों में विस्फोट कर रहे हैं, उससे लगता है कि आज कोई भी शहर सुरक्षित नहीं है। इस मामले में सरकार और प्रशासन जो कदम उठा रहे हैं, वे निश्चित तौर पर नाकाफी हैं ...      
बाजार में जाते समय इस बात का ध्यान हमेशा रखें कि अगर उस समय भगदड़ होती है तो हमें कहाँ से बाहर निकलना है। बड़े मॉल में जाते समय हर तल के निकास द्वार की जानकारी रखें। अगर निकास द्वार बंद है अथवा उस रास्ते में कोई अड़चन है तो अधिकारियों को सूचित करें।

डॉ. आशीष जैन
अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की जानकारी उपस्थित अधिकारियों अथवा पुलिस को दें। उसे आप अपने मोबाइल में तस्वीर या फिल्म के रूप में कैद भी कर सकते हैं।



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