अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से : बीरबल की पैनी दृष्टि

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बीरबल ने आगे कहा, 'माना कि चप्पल उसे भीख में मिल सकती थी, पर उसके कोमल, मुलायम पैर तो भीख में नहीं मिले थे, इसलिए कंकड की गड़न सहन न कर सकें।'

इतना कहकर बीरबल ने बताया कि किस प्रकार उसने उस मनुष्य की परीक्षा लेकर जान लिया कि उसे नंगे पैर चलने की भी आदत नहीं, वह दरिद्र नहीं बल्कि किसी अच्छे कुल का खाता कमाता पुरुष है।'

बादशाह बोले, 'क्यों न हो, वह मेरा खास सैनिक है।' फिर बहुत प्रसन्न होकर बोले, 'सचमुच बीरबल! माबदौलत तुमसे बहुत खुश हुए! तुम्हें धोखा देना आसान काम नहीं है।'

बादशाह के साथ साजिश में शामिल हुए सभी दरबारियों के चेहरे बुझ गए।

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(समाप्त)



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