आयुर्वेद प्रकृति के अनुसार जीवन जीने की सलाह देता है। आयुर्वेद मानता है कि हमारी अधिकतर बीमारियों का जन्म स्थान हमारा दिमाग है। इच्छाएं, भाव, द्वेष, क्रोध, लालच, काम आदि नकारात्मक प्रवृत्तियों से कई तरह के रोग उत्पन्न होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार मनुष्य के शारीर में तीन जैविक-तत्व होते...