Yoga Tonic | काम के बीच योगा टॉनिक
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योगा संगीत : सर्वप्रथम आप योगा संगीत को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। योगा संगीत से मतलब ऐसा शांतिमय संगीत या भजन जो मन को सुकून देता हो यही काम और आराम के बीच राम में रहने की स्थिति है। आप ॐ का उच्चारण भी धीमी आवाज में कर सकते हैं।
योगा प्राणायाम : प्राणायाम मन को भीतर तक शांत कर देता है। इससे मस्तिष्क के तंतुओं को आराम मिलता है। श्वासों को लय में लाने के लिए जरूरी है प्राणायाम। इससे जहां मस्तिष्क, आंखें तरोताजा हो जाती है वहीं फेफड़ें भी स्वस्थ और पुष्ट रहते हैं।
योगा ध्यान : ध्यान से जितना मस्तिष्क को लाभ मिलता है उससे कहीं अधिक शरीर को लाभ मिलता है। सिर्फ 10 मिनट का ध्यान आपकी 24 घंटे की थकान और तनाव को मिटाने में सक्षम है। प्राणायाम के बाद ध्यान करें।
हास्य योगा : सर्वेक्षण कहते हैं कि हर परिस्थिति में खुश और प्रसंन्न रहना लम्बी उम्र और स्वास्थ्य का राज है तो क्यों नहीं लॉफ्टर थेरेपी को अपने जीवन का हिस्सा बना लें। सुबह, दोपहर और शाम तीनों समय खूब जोर से हंसे। बिना मतलब के हंसने का मजा ही कुछ ओर है। हां, कभी मतलब के भी हंसने का मौका मिले तो चुके नहीं।
यौगिक आहार : इसके बाद जरूरी है शरीर पर ध्यान देना। शरीर बनता है आहार से। आहार में शरीर के लिए उचित पोषक तत्व होना जरूरी है। ना कम खाएं और ना ज्यादा, मसालेदार तो बिल्कुल ही नहीं। भोज के बीच में और बाद में पानी कतई नहीं पीएं। तामसिक और राजसिक भोजन को छोड़कर सात्विक भोजन को अपना मित्र बनाएं। निरोगी रहकर लम्बी उम्र चाहते हैं तो आहार पर ध्यान दें। यौगिक आहार का चयन करें। बस।

