Fact Check: क्या नए साल से पेट्रोल-डीजल की तरह रोज बदलेंगे LPG सिलेंडर के दाम? जानिए पूरा सच
सोशल मीडिया पर एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अगले साल 2021 से एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत पेट्रोल-डीजल की तरह हर दिन या हर सप्ताह तय होगी। बताया जा रहा है कि पेट्रोल-डीजल के दाम हर रोज 6 बजे तय करने का काम किया जाता है। अब ऐसे ही गैस सिलेंडर के दाम भी रोज या साप्ताहिक तय होंगे। रिपोर्ट्स में दिसंबर में एलीपीजी सिलेंडर कीमतों में हुए 2 बार बढोत्तरी को इसका आधार बनाया जा रहा है। दिसंबर में तेल कंपनियों ने 15 दिन के भीतर 2 बार रसोई गैस के दाम 50 रुपए बढ़ा दिए थे, जिसे मिलाकर एक महीने में रसोई गैस 100 रुपए महंगी हो चुकी है।
क्या है सच-
भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने वायरल हो रही खबर को गलत बताया है। PIB फैक्ट चेक के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा गया है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि तेल कंपनियां अब गैस सिलेंडर के दामों में प्रतिदिन या साप्ताहिक तौर पर बदलाव करने का विचार कर रही हैं, जो दावा गलत है। भारत सरकार ने एलपीजी सिलेंडर के दामों में परिवर्तन संबंधी कोई घोषणा नहीं की है।
इससे पहले PIB ने एक अखबार की खबर का भी खंडन किया, जिसमें दावा किया गया था कि श्रम कानून में बदलाव होने के कारण अगले साल से सरकारी कर्मचारियों का वेतन कम हो जाएगा। PIB ने बताया कि खबर में जिस वेतन विधेयक, 2019 का जिक्र किया गया है, वह केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने वायरल हो रही खबर को गलत बताया है। PIB फैक्ट चेक के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा गया है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि तेल कंपनियां अब गैस सिलेंडर के दामों में प्रतिदिन या साप्ताहिक तौर पर बदलाव करने का विचार कर रही हैं, जो दावा गलत है। भारत सरकार ने एलपीजी सिलेंडर के दामों में परिवर्तन संबंधी कोई घोषणा नहीं की है।
दावा : कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि तेल कंपनियां अब गैस सिलेंडर के दामों में प्रतिदिन या साप्ताहिक तौर पर बदलाव करने का विचार कर रही हैं।#PIBFactCheck : यह दावा गलत है। भारत सरकार ने एलपीजी सिलेंडर के दामों में परिवर्तन संबंधी कोई घोषणा नहीं की है। pic.twitter.com/paPELbEXoV
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) December 29, 2020
इससे पहले PIB ने एक अखबार की खबर का भी खंडन किया, जिसमें दावा किया गया था कि श्रम कानून में बदलाव होने के कारण अगले साल से सरकारी कर्मचारियों का वेतन कम हो जाएगा। PIB ने बताया कि खबर में जिस वेतन विधेयक, 2019 का जिक्र किया गया है, वह केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
एक न्यूज़ आर्टिकल में दावा किया जा रहा है कि श्रम क़ानून में बदलाव होने के कारण अगले वर्ष से सरकारी कर्मचारियों का वेतन कम हो जाएगा। #PIBFactCheck: यह दावा फर्जी है। वेतन विधेयक, 2019 केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। pic.twitter.com/Et2tI62mMb
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) December 28, 2020

