Fact Check: क्या दिवाली पर पटाखे फोड़ने से बढ़ेगा कोरोनावायरस का खतरा?

Last Updated: सोमवार, 9 नवंबर 2020 (14:13 IST)
दिवाली का त्योहार जल्द ही आने वाला है, लेकिन के चलते इस बार उत्साह कुछ फीका रहेगा। महामारी के कारण लोगों से इस साल पटाखे ना फोड़ने की अपील की जा रही है। कई राज्य सरकारें त्योहार के पहले ही पटाखों पर बैन लगा चुके हैं। लेकिन फिर भी कई लोगों के जहन में यह सवाल उठता है कि क्या पटाखों और कोरोनावायरस में कोई संबंध है। क्या वाकई पटाखों के इस्तेमाल से बढ़ेगा कोरोना का खतरा बढ़ेगा। आइए जानते हैं इस बारे में केंद्र सरकार और हेल्थ एक्स्पर्ट्स क्या कहते हैं।

भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से कोविड-19 के लिए बनाए गए इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म ‘कोविड इंडिया सेवा’ के टवीट को शेयर करते हुए बताया कि पटाखों को जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ेगा, जिससे कोविड-19 तेज गति से फैल सकता है।



‘कोविड इंडिया सेवा’ ने एक यूजर के सवाल का जवाब देते हुए लिखा है कि हेल्थ एक्स्पर्ट्स का कहना है कि पटाखों को फोड़ने से निकलने वाले वायु प्रदूषकों से एलर्जी और सांस की समस्याएं बढेंगी, जिससे कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा है।



‘कोविड इंडिया सेवा’ ने आगे लिखा कि कुछ अध्ययनों से पता चला है कि वायु प्रदूषकों के उच्च स्तर के संपर्क में रहने वाले लोगों को कोरोना संक्रमण का अधिक खतरा होता है। इस प्रकार, वायु प्रदूषण और कोरोना के बीच महत्वपूर्ण संबंध है क्योंकि कोरोना पॉजिटिव मरीजों से निकले कोरोनोवायरस के एरोसोल कम तापमान और वायु प्रदूषकों के कारण हवा में अधिक समय तक रहेंगे और बिना मस्क पहने स्वस्थ व्यक्तियों इन्हें इन्हेल कर सकते हैं।



वहीं, अमेरिका के एक रिसर्च से पता चला है कि जो लोग प्रदूषण फैलाने वाले सूक्ष्म कणों के संपर्क में ज्यादा समय तक रहते हैं उनकी कोरोनावायरस से मौत होने की आशंका बढ़ जाती है।



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