हिन्दी के बारे में महापुरुषों के कथन

WD| Last Updated: शुक्रवार, 12 सितम्बर 2014 (17:03 IST)


- हिन्दी को संस्कृत से विच्छिन्न करके देखने वाले उसकी अधिकांश महिमा से अपरिचित हैं

-हजारीप्रसाद द्विवेदी




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