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Written By WD Feature Desk
Last Updated : शनिवार, 8 नवंबर 2025 (15:32 IST)

क्या बार-बार गरम ड्रिंक्स पीने से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा? जानिए सच

hot drinks cancer risk
do hot drinks increase cancer risk: हम में से ज्यादातर लोग दिन की शुरुआत एक गरम चाय, कॉफी या सूप से करना पसंद करते हैं। किसी को सुबह की चाय के बिना ताजगी नहीं मिलती, तो किसी को काम के बीच कॉफी का कप चाहिए ही होता है। गरम पेय हमारे जीवनशैली का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बहुत ज़्यादा गरम चाय या कॉफी पीना आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है? हाल ही में हुई कई वैज्ञानिक रिसर्च और स्वास्थ्य संगठनों की चेतावनियां इस ओर इशारा करती हैं कि बहुत ज्यादा गरम ड्रिंक्स का सेवन गले और भोजन नली (esophagus) के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है। यह बात सुनने में चौंकाने वाली लग सकती है, लेकिन इसके पीछे गंभीर कारण हैं जिन्हें समझना बेहद जरूरी है।
 
गरम ड्रिंक्स और कैंसर का संबंध
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) के अनुसार, 65 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाले पेय नियमित रूप से पीना खतरनाक हो सकता है। जब हम बहुत गरम चाय, कॉफी या सूप पीते हैं, तो यह सीधे हमारे गले, जीभ और भोजन नली की नाज़ुक परतों को नुकसान पहुंचता है। लगातार इस तरह की जलन और ऊतकों में चोट (tissue damage) होने से कैंसर कोशिकाओं के बनने की संभावना बढ़ जाती है।
 
क्यों होता है नुकसान?
हमारे शरीर का तापमान सामान्यतः 37 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहता है। ऐसे में जब 65–70 डिग्री या उससे अधिक तापमान वाला तरल सीधे अंदर जाता है, तो यह कोशिकाओं को झुलसा देता है। बार-बार ऐसा होने पर इंफ्लेमेशन (inflammation) और सेल्स की असामान्य वृद्धि (abnormal growth) होने लगती है। यही असामान्य वृद्धि धीरे-धीरे कैंसर का रूप ले सकती है। यानी चाय या कॉफी से नुकसान उसके अंदर की सामग्री से नहीं बल्कि उसके तापमान से होता है।
 
चाय और कॉफी: सेहतमंद या हानिकारक?
यह जानना जरूरी है कि चाय और कॉफी अपने आप में हानिकारक नहीं हैं। इन दोनों पेयों में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कई बीमारियों से बचाते हैं। समस्या सिर्फ उन्हें बहुत गरम पीने की आदत से होती है। अगर इन्हें थोड़ा ठंडा करके यानी 60 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर पिया जाए, तो यह शरीर के लिए फायदेमंद भी साबित हो सकते हैं।
 
वैज्ञानिक अध्ययन क्या कहते हैं?
कई देशों में इस पर अध्ययन किए गए हैं। उदाहरण के लिए, ईरान और चीन में लोगों को बहुत गरम चाय पीने की आदत है। रिसर्च में पाया गया कि वहाँ भोजन नली के कैंसर (esophageal cancer) के केस ज़्यादा देखने को मिलते हैं। यही पैटर्न उन इलाकों में भी देखा गया जहाँ कॉफी या अन्य गरम पेय अत्यधिक गरम अवस्था में पिया जाता है।
 
किन लोग ज्यादा खतरे में हैं?
हर कोई इस खतरे का शिकार नहीं होता, लेकिन कुछ लोग ज़्यादा प्रभावित हो सकते हैं -
  • जो दिन में 3-4 बार बहुत गरम चाय या कॉफी पीते हैं।
  • जो धूम्रपान या शराब का सेवन भी करते हैं, क्योंकि यह अतिरिक्त जोखिम पैदा करता है।
  • जिनकी पाचन नली पहले से कमजोर है या जिन्हें अक्सर एसिडिटी और जलन रहती है।
क्या करें बचाव के लिए?
चाय या कॉफी को थोड़ा ठंडा करके ही पिएं। बहुत गरम कप आते ही पीना सेहत के लिए खतरनाक है।
कोशिश करें कि पेय का तापमान 60 डिग्री सेल्सियस से कम हो।
धीरे-धीरे घूंट लेकर पिएं, ताकि एक बार में बहुत गरम तरल अंदर न जाए।
अगर आपको बार-बार गले या सीने में जलन, खिचाव या असुविधा महसूस होती है, तो डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें।
 

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