सम्बंधित जानकारी
- बड़ी खबर, बहराइच में 1 और आदमखोर भेड़िया पकड़ाया
- Operation Bhediya : 18 शूटर, 165 वनकर्मी, 50 दिन बीतने के बाद भी बहराइच में क्यों सफल नहीं हो पा रहा है ऑपरेशन भेड़िया
- चुनावी सियासत में भेड़िए की एंट्री, Wolf attack को चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी
- बहराइच में भेड़िए का आतंक, संभल में किसने किया 4 लोगों पर हमला
- wolf attack: बहराइच में फिर हुआ भेड़िये का हमला, 8 वर्षीय बच्चा घायल
शातिर भेड़िया वन विभाग के पिंजरे में कैद, लेकिन अभी ग्रामीणों को राहत नही!
bahraich wolf attack : उत्तर प्रदेश के बहराइच में लुकाछिपी का करने वाला पांचवा भेड़िया आखिरकार वन विभाग की पकड़ में आ गया है। पिछले दो महीनों से बहराइच जिले के 35 गांव भेड़िये की दहशत में जी रहे हैं। इन गांवों के 9 बच्चों समेत 10 लोग भेड़िये का निवाला बन चुके हैं, जबकि 45 घायल है। ऐसे में आतंक का पर्याय बन चुके आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने लिए वन विभाग 25 टीमें दिन रात काम कर रही थी, भेड़िये को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए बाहर से भी शार्प शूटर बुलाए गए हैं। हालांकि अभी भी वन विभाग को 1 दहशतगर्द भेड़िये की तलाश है, उम्मीद है कि वह जल्दी ही पकड़ा जाएगा और ग्रामीण राहत की सांस लेंगे।
सोमवार को महसी इलाके में भेड़िये की लोकेशन मिली थी, जिसके बाद वन विभाग ने एक्टिव होते हुए भेड़िये को घेरने के लिए खेतों में कई पिंजरे लगा दिये, भेड़िये के शिकार के लिए बकरी बांध दी गई और ड्रोन कैमरे से क्षेत्र की निगरानी की जा रही थी। ALSO READ: बड़ी खबर, बहराइच में 1 और आदमखोर भेड़िया पकड़ाया
मुख्य वन संरक्षक रेणु सिंह ने पिंजरे में कैद भेड़िये की जानकारी देते हुए बताया कि नथुवापुर से बीते कल भेड़िए ने एक बकरी को अपना शिकार बनाया, वन विभाग अलर्ट था, जिसके चलते हमारी टीम ने प्लान तैयार किया और भेड़िये के पगमार्क (पदचिन्ह) के सहारे उसकी मांद की तरफ चल दिये। क्योंकि शिकार के बाद भेड़िया अपनी मांद की तरफ जरूर जाता है, इसलिए पदचिह्न का सहारा लिया और कछार क्षेत्र में पहुंच गये।
शातिर भेड़िया थर्मल ड्रोन को देखते ही फरार हो रहा था, जिसके चलते मिशन फेल होता रहा। हमारी पकड़ में भेड़िये की चालाकी आ चुकी थी, जिसके चलते नया प्लान तैयार किया गया। थर्मल ड्रोन का इस्तेमाल बंद करके चारों तरफ से चालक भेड़िये की घेराबंदी की गई और सफलता मिलली। भेड़िया वन विभाग के बिछाये जाल में फंस कर पिंजरे में कैद हो गया।
मुख्य वन संरक्षक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि बचा हुआ भेड़िया जल्दी ही पकड़ा जायेगा। लेकिन जब तक भेड़िया खुला घूम रहा है सतर्क रहने की आवश्यकता है। अभी तक पांच भेड़िये वन विभाग की पकड़ में आ चुके है, यह सभी जोन नम्बर धन के हरबख्श सिंह पुरवा क्षेत्र से पकड़े गए है, उम्मीद है कि पकड़ा गया पांचवा भेड़िया गोरखपुर भेज दिया जायेगा।
